उत्तराखंड : कर्णप्रयाग-अल्मोड़ा राष्ट्रिय राजमार्ग बनेगा डब्बल लेन केंद्र सरकार से मिली स्वीकृति





कर्णप्रयाग :
केंद्र सरकार की तरफ से स्वीकृति मिलने के बाद वर्षों से कर्णप्रयाग-अल्मोड़ा राष्ट्रिय राजमार्ग (एनएच 109) को डब्बल लेन बनाने की मांग अब पूरी होने को है। इस 175 किलोमीटर मार्ग का निर्माण कर्णप्रयाग से अल्मोड़ा के क्वारब तक किया जायेगा। 

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यातायात को सुगम बनाने के लिए इस राष्ट्रिय राज मार्ग पर तीन जगह कर्णप्रयाग, आदिबद्री, गैरसैंण में बाईपास मार्ग भी निर्मित किये जायेंगे। एनएच ने वन भूमि व निजी भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया पूर्ण करने के लिए एक वर्ष का समय निर्धारित किया है। कर्णप्रयाग से पांडुवाखाल तक के 65 किलोमीटर डबल लेन मार्ग का काम एनएच रुद्रप्रयाग जबकि पांडुवाखाल से क्वारब तक के मार्ग का निर्माण एनएच रानीखेत के जिम्मे होगा। 

वैसे तो उत्तराखंड राज्य बनने के बाद से ही इसके चौड़ीकरण की मांग उठने लगी थी लेकिन वर्ष 2020 में गैरसैंण को उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित किये जाने के बाद ये मांग और तेज हो गई थी। 

इस राष्ट्रिय राज मार्ग की भूस्खलन और भूधंसाव के कारण कई स्थानों पर खस्ता हालत होने के कारण आवागमन काफी प्रभावित रहता है। मार्ग की खस्ता हालत को देखते हुए लोक निर्माण विभाग एनएच ने वर्ष 2019-20 में इस मार्ग को कर्णप्रयाग से क्वारब तक डबल लेन करने के लिए भारत सरकार को डीपीआर भेजी थी। लेकिन कुछ आपत्तियों के चलते भारत सरकार द्वारा डीपीआर वापिस कर दी गई थी। लोक निर्माण विभाग द्वारा आपत्तियों का निस्तारण करने के बाद फिर से सांसोदित डीपीआर केंद्र सरकार को भेजी थी। 

अब केंद्र सरकार द्वारा 12  फरवरी को एनएच 109 पर  डबल लेन निर्माण कार्य की अंतिम स्वीकृति प्रदान कर दी है। 

एनएच अधिशासी अभियंता ओंकार पांडे ने बताया कि इस परियोजना में करीब ढाई हजार करोड़ रूपये खर्च होंगे। एक वर्ष के अंदर भूमि हस्तारण संबंधी सभी मामलों का निस्तारण कर लिया जाएगा। 

कर्णप्रयाग में आबादी वाले क्षेत्र को छोड़कर बाईपास का निर्माण किया जाएगा। यातायात को सुगम बनाने के लिए आदिबद्री और गैरसैण में भी बाईपास निर्माण प्रस्तावित है।