1st Victoria Cross Darwan Singh Negi




कर्णप्रयाग : प्रथम विक्टोरिया क्रॉस विजेता दरवान सिंह नेगी की स्मृति में तीन दिवसीय राजकीय शौर्य महोत्सव का उद्घाटन बुधवार को थराली विधायक भूपाल राम टमटा जी के  द्वारा किया गया । महोत्सव में पहुंचे सैनिकों और सैकड़ों लोगों ने नेगी जी को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उनके शौर्य और पराक्रम को याद किया गया। विधायक भूपालराम टम्टा ने शौर्य महोत्सव के लिए विधायक निधि से दो लाख रुपये देने की घोषणा की।

बुधवार को प्रथम विश्व युद्ध के विक्टोरिया क्रॉस विजेता दरवान सिंह नेगी के गांव कफारतीर में उनके पैतृक घर के प्रांगण में उनके उनके चित्र पर माल्यार्पण कर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके शौर्य को नमन किया। इसके बाद महिलाओं ने गढ़वाल स्काउट के बैंड की धुन के साथ काफरतीर गांव से शौर्य महोत्सव के पंडाल तक कलश यात्रा निकाली। वार मेमोरियल समिति के अध्यक्ष लखपत नेगी और कैप्टन राजेश आर ने सेना का ध्वज फहराया। रंगारंग कार्यक्रम की शुरुआत जीआईसी सैंज खतोली की छात्राओं द्वारा सरस्वती वंदना व जीआईसी चोपता की छात्राओं के स्वागत गीत के साथ हुआ। महिला मंगल दलों और शिक्षण संस्थाओं ने विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश कर शमा बांधा। 




इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक भूपालराम टम्टा, ब्लाक प्रमुख यशपाल नेगी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष लक्ष्मण रावत, सुदर्शन नेगी, गंभीर मिंगवाल, लखपत नेगी, कर्नल डी एस बर्तवाल एवं राजकीय शौर्य महोत्सव समिति के सदस्यों ने वीसी दरवान सिंह नेगी के चित्र का अनावरण भी किया। इस मौके पर पर  डॉ. हरपाल नेगी,  कर्नल डीएस बर्तवाल और मोहन आदि मौजूद थे।

इस मौके पर शौर्य महोत्सव के सचिव तहसीलदार प्रदीप नेगी, क्षेत्र पंचायत प्रमुख नारायण बगड़ यशपाल नेगी,  पुरुषोत्तम शास्त्री, भाजपा मंडल अध्यक्ष नारायण बगड़ चंदोला, कर्नल डी एस बर्थवाल,  उपाध्यक्ष ज़िला पंचायत चमोलि लक्षमन सिंह रावत, श्री भुवन नौटियाल, ड़ा० हरपाल नेगी, कर्नल हरेंद्र रावत, SDM थराली  व ज़िला चमोली के गणमान्य जनप्रतिनिदि व क्षेत्र के नागरिक उपस्थित थे ।




बता दें कि नायक (बाद में सूबेदार बहादुर) दरवानसिंह नेगी भारत के पहले विक्टोरिया क्राॅस हैं जिन्हें प्रथम विश्व युद्ध के दौरान 23-24 नवम्बर 1914 की रात्रि को जब रेजिमेंट 39 गढ़वाल राइफलस् की पहली बटालियन (अब 6 मैकेनाइज्ड) फ्रांस के फेस्तुबर्त में दुश्मन से अपनी खाइयों को वापस लेने का प्रयास कर रही थी उस दौरान आपने सामने की जंग में दो बार सिर व बांह में घाव लगने के बावजूद खाइयों में घुसकर जर्मन सैनिकों से उन्हें मुक्त कराने में दिखाई गई उनकी अनुपम वीरता के लिए विक्टोरिया क्राॅस से विभूषित किया गया। उनके पैतृक निवास में 24 जून 2018 को 68 वीं पुण्यतिथि के अवसर पर पहली बार बैण्ड की धुन के साथ पुष्प चक्र से श्रद्धांजलि का आयोजन किया गया और फिर फेस्तुवर्त  के 23-24 नवम्बर 1914 की रात्रि में उनकी वीरता, शौर्य और अदम्य साहस को चिरजीवी रखने के लिए 23 नवम्बर 2019 से हर साल शौर्य महोत्सव शुरू किया गया। प्रथम विक्टोरिया क्राॅस नायक दरवानसिंह नेगी फाउंडेशन की स्थापना भी की गई है। 

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