Indian army





आतंकवादी हमला :
जम्मू कश्मीर के राजौरी में एक विशेष अभियान के दौरान आतंकवादियों से मुठभेड़ में सेना के  2 अधिकारी और 3 जवान शहीद हो गए। इस मुठभेड़ में उत्तराखंड के लाल संजय सिंह बिष्ट ने आतंकवादियों से लोहा लेते हुए मां भारती की आन, बान व शान की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। वहीं सेना ने 
लश्कर-ए-तैयबा के टॉप कमांडर सहित एक अन्य आतंकी को मार गिराया ।




सैन्य सूत्रों के अनुसार राजौरी सेक्टर से लगभग 70 किमी दूर कालाकोट के गुलाबगढ़ के जंगल में आतंकी गतिविधियों की सूचना ग्रामीणों ने सुरक्षाबलों को दी। इसी के मद्देनजर सेना द्वारा आतंकियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा था इसी दौरान घात लगाए आतंकियों ने सेना की टुकड़ी पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसानी शुरू कर दी। आतंकियों के खात्मे को चलाए गए इस ऑपरेशन में 19-कुमाऊं रेजिमेंट की नाइन-पैरा स्पेशल फोर्स में तैनात 28 वर्षीय पैरा कमांडो संजय सिंह बिष्ट ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। संजय सिंह उत्तराखंड के बेतालघाट ब्लॉक स्थित रातीघाट के निवासी थे।  उनके बलिदान की खबर से घर में कोहराम मच गया व स्वजन बेसुध हैं व पूरे क्षेत्रवासी गमगीन हो गए है। 

शहीद संजय सिंह बिष्ट का पार्थिव शरीर लेकर सेना के अधिकारी जम्मू से उत्तराखंड के लिए निकल पड़े हैं। शुक्रवार की सुबह तक उनके पैतृक गांव पहुंचने की संभावना है ।




संजय सिंह बिष्ट जी को भारतीय सेना में भर्ती होकर देश सेवा की ललक बचपन से ही थी। 12वीं की परीक्षा पास करने के बाद संजय वर्ष 2012 में 19 कुमाऊं रेजीमेंट में भर्ती  हो गए। कठिन प्रशिक्षण व मेहनत के दम पर उन्हें नाइन-पैरा की स्पेशल फोर्स में बतौर कमांडो तैनाती मिली। बीती एक नवंबर को ही संजय एक माह की छुट्टी बिताकर जम्मू लौटे थे। इस दरमियान दूरभाष पर स्वजनो की उनसे वार्ता हुई। उनके बलिदान से माहौल गमगीन तो है पर क्षेत्र गौरवान्वित भी है।




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