चमोली :उत्तराखंड में चमोली जिले के प्रसिद्ध ज्योतिर्मठ नगर में भालू के हमले की घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। मंगलवार की सुबह-सुबह हुई इस घटना की वजह से पूरे क्षेत्र में दहशत और अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ है। इस घटना ने एक बार फिर से पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और उनके मवेशियों की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!गोशाला में घुसकर गाय को मारा
मिली जानकारी के मुताबिक, यह दर्दनाक और खौफनाक घटना मंगलवार की सुबह ज्योतिर्मठ नगर के सिंहधार वार्ड में हुई । रोजाना की तरह लोग अभी अपने दिन की शुरुआत कर ही रहे थे कि अचानक एक खूंखार भालू ने एक गोशाला में घुसकर वहां बंधी एक गाय को मार डाला। भालू इतना आक्रामक था कि उसने गाय को संभलने तक का मौका नहीं दिया। गोशाला में गाय पर हमला होने और गाय के चिल्लाने की आवाज सुनकर आसपास के लोग और पशुपालक परिवार सदमे में आ गया। जैसे ही परिवार के सदस्यों को इस बात का अहसास हुआ कि उनकी गोशाला के अंदर कोई आदमखोर जानवर घुस आया है, वे तुरंत गाय को बचाने के लिए दौड़े।
लेकिन वहां खड़े खूंखार भालू ने पीछे हटने के बजाय एक और आक्रामक रूप अख्तियार कर लिया। गाय को बचाने के लिए पहुंचे परिवार के लोगों पर भी भालू ने हमला कर दिया। भालू के इस अचानक और ताबड़तोड़ वार से मौके पर मौजूद लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। भालू ने एक-एक कर के वहां मौजूद चार लोगों को बुरी तरह नोच डाला और उन्हें लहूलुहान कर दिया। इस भालू के हमले के दौरान मौके पर चीख-पुकार मच गई, जिसे सुनकर आसपास के पड़ोसी भी लाठी-डंडा लेकर घटना स्थल की तरफ दौड़े। लोगों की भारी भीड़ को इकट्ठा होता देख भालू वहां से भाग निकला और पास के जंगल की तरफ चला गया, लेकिन तब तक वह भारी तबाही मचा चुका था। इस पूरे हादसे में चार लोग घायल हो गए, जिन्हें तुरंत आपातकालीन देखभाल की जरूरत थी।
एक व्यक्ति गंभीर, हायर सेंटर रेफर
घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों और परिवार के अन्य सदस्यों की मदद से बिना वक्त गंवाए सभी घायलों को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। स्पताल में इमरजेंसी वार्ड को तुरंत एक्टिव किया गया और चिकित्सकों ने सभी घायलों का उपचार शुरू कर दिया। डॉक्टरों के मुताबिक, चार घायलों में से तीन की हालत स्थिर है और उन्हें गहरी चोटें आई हैं, जिनका इलाज किया जा रहा है। लेकिन, उनमें से एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हुआ है, जिसके शरीर पर भालू के नाखूनों और दांतों के गहरे जख्म हैं और काफी खून बह चुका है। इस गंभीर रूप से घायल एक व्यक्ति को प्राथमिक उपचार देने के बाद, उसकी नाजुक हालत को देखते हुए अस्पताल के प्रबंधन ने उसे बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया है। परिजन उन्हें लेकर बड़े अस्पताल के लिए रवाना हो गए हैं।
स्थानीय लोगों में दहशत और चिंता का माहौल
इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद से पूरे नगर क्षेत्र में भालू के हमले की इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल व्याप्त है। सिंहधार वार्ड समेत पूरे ज्योतिर्मठ नगर
के निवासी अब अपने घरों से बाहर निकलने में भी कतरा रहे हैं, खासकर सुबह और शाम के वक्त लोगों ने अकेले घूमना बंद कर दिया है। गोशाला में घुसकर गाय को मारने और बचाने पहुंचे लोगों पर हमला किए जाने से क्षेत्र में चिंता का माहौल बना हुआ है। लोगों का कहना है कि अगर आबादी वाले इलाके में इस तरह खूंखार जानवर घूमेंगे और गोशाला के अंदर घुसकर हमला करेंगे, तो पशुपालन करना और आम जिंदगी जीना पूरी तरह दूभर हो जाएगा।
वन विभाग से ठोस कदम उठाने की मांग
घटना से गुस्से में आए स्थानीय लोगों ने वन विभाग के खिलाफ भी भारी नाराजगी जाहिर की है। ग्रामीणों का कहना है कि जंगली जानवरों का आबादी में आना लगातार बढ़ता जा रहा है, लेकिन प्रशासन इसका कोई स्थाई हल नहीं निकाल रहा है। स्थानीय लोगों ने वन विभाग से मांग की है कि इस खूंखार भालू को पकड़ने के लिए सिंहधार वार्ड और आसपास के जंगलों से सटे इलाकों में तुरंत पिंजरा लगाया जाए और प्रशासन की तरफ से घायलों को उचित मुआवजा व मुफ्त इलाज दिया जाए। निवासियों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही सुरक्षा के कड़े इंतजाम नहीं किए गए और भालू को पकड़ा नहीं गया, तो वे उग्र आंदोलन करने पर मजबूर होंगे।

