उत्तराखंड : प्रसिद्ध लोक गायक दीवान कनवाल के निधन से लोकसंगीत जगत में शोक की लहर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जताया शोक


अल्मोड़ा :  उत्तराखंड के प्रसिद्ध लोक गायक दीवान कनवाल का निधन हो गया है। उन्होंने  बुधवार सुबह ग्राम खत्याड़ी स्थित अपने आवास पर 65 वर्ष की उम्र में अंतिम सांस ली। उनके निधन से उत्तराखंड संगीत जगत में शोक की लहर है। दीवान कनवाल का अंतिम संस्कार बेतालेश्वर घाट पर होगा।  

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

लोक गायक दीवान कनवाल अल्मोड़ा में कुमाऊं के उदित नारायण के नाम से प्रसिद्ध थे।  वह लंबे समय से बीमार चल रहे थे। उनके निधन से लोकसंगीत जगत को अपूरणीय क्षति हुई है। उनके निधन पर मुख्यमंत्री धामी ने भी गहरा शोक व्यक्त किया है।

कनवाल ने अपनी मधुर आवाज और लोकधुनों से सांस्कृतिक नगरी को नई पहचान दी। क्या बच्चे क्या बुजुर्ग सभी उनकी आवाज के मुरीद थे। अपने गीतों से वे पहाड़ की संस्कृति, परंपराओं और लोकजीवन को जीवंत रूप देते थे। उनके गीत आज भी लोगों के दिलों में बसे हुए हैं। दीवान कनवाल का ‘द्वी दिना का ड्यार शेरुवा यौ दुनी में’ गीत काफी लोकप्रिय हुआ था। 

लोकसंगीत के साथ-साथ दीवान सिंह कनवाल एक सशक्त रंगकर्मी भी थे। उनके द्वारा निभाए किरदार आज भी अल्मोड़ा निवासियों के दिलों में बसे हैं। उनके निधन की खबर मिलते ही अल्मोड़ा सहित पूरे उत्तराखंड के लोगों में गहरा दुख है। 

दीवान कनवाल के निधन पर मुख्यमंत्री ने जताया शोक

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रसिद्ध लोक कलाकार श्री दीवान कनवाल के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने  कहा कि श्री दीवान कनवाल ने उत्तराखण्ड की समृद्ध लोक संस्कृति और लोक संगीत को नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि दीवान कनवाल का निधन उत्तराखण्ड की लोक कला और सांस्कृतिक जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिजनों एवं उनके प्रशंसकों को यह दुःख सहने की शक्ति प्रदान करने की कामना की है।

You missed