दिल्ली मैराथन  2026  : उत्तराखंड की बेटी भागीरथी बिष्ट ने दिल्ली मैराथन में रजत पदक जीत फिर बढ़ाया उत्तराखंड का मान


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नई  दिल्ली : पहाड़ के विकट जीवन को चीरती पहाड़ की नारी अब अपनी मेहनत व हुनर से अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रही है। ऐसी ही एक प्रतिभाशाली बेटी भागीरथी बिष्ट, जो फ्लाइंग गर्ल के नाम से जानी जाती है ने दिल्ली  मैराथन के 11वें संस्करण में शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक हासिल किया है। 24 वर्षीय भागीरथी ने 42 किलोमीटर की मैराथन दौड़ में  2 घंटे 43 मिनट का समय लेकर द्वितीय स्थान हांसिल कर रजत पदक पर कब्जा कर प्रदेश सहित चमोली जनपद का नाम रोशन किया है।

रविवार 22 फरवरी को आयोजित इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में देशभर के विभिन्न राज्यों से आए खिलाड़ियों ने भाग लिया। कड़े मुकाबले के बीच उत्तराखंड चमोली जिले के वाण गांव की निवासी भागीरथी ने बेहतरीन रणनीति, संतुलित गति और धैर्य का परिचय देते हुए सफलता हासिल की। प्रतियोगिता में उत्तराखंड के खिलाड़ियों का प्रदर्शन सराहनीय रहा। हालांकि उनके चेहरे पर रजत पदक की खुशी के बजाय स्वर्ण न जितने की मायूशी थी। 

उनकी इस उपलब्धि से जनपद चमोली और देवाल क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई है। स्थानीय खेल प्रेमियों, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने उनकी सफलता पर हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दी हैं।

भागीरथी के कोच एवं अंतरराष्ट्रीय मैराथन धावक सुनील शर्मा ने बताया कि भागीरथी ने पूरी दौड़ के दौरान संयम और आत्मविश्वास बनाए रखा। उन्होंने कहा कि कठिन प्रतिस्पर्धा के बावजूद भागीरथी ने अपनी रणनीति पर कायम रहते हुए रेस पूरी की। उन्होंने अपने समय में भी सुधार किया है। उनका पिछली मैराथन में 2 घंटे 51 मिनट का समय था। उल्लेखनीय है कि वह पूर्व में ईरान में आयोजित अंतरराष्ट्रीय हाफ मैराथन में भी प्रतिभाग कर चुकी हैं तथा देश के विभिन्न हिस्सों में आयोजित कई प्रतियोगिताओं में प्रथम स्थान प्राप्त कर चुकी हैं।

‘फ्लाइंग गर्ल’ के नाम से पहचानी जाने वाली भागीरथी बिष्ट वर्तमान में पौड़ी जनपद स्थित रासी स्टेडियम में नियमित अभ्यास कर रही हैं। उनका लक्ष्य भविष्य में ओलंपिक खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए मैराथन स्पर्धा में पदक जीतकर देश का नाम विश्व पटल पर रोशन करना है।

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