प्रयागराज में नागा साधुओं ने निकाली भव्य शोभा यात्रा


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MAHAKUMBH 2025 : 
श्री शंभू पंचदशनाम अखाड़ा का भव्य नगर प्रवेश, भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं का अद्वितीय प्रतीक, इस बार श्री प्रयागराज महाकुंभ मेले में एक अविस्मरणीय क्षण बन गया। अखाड़े के नागा साधुओं की टोली, अपनी आध्यात्मिक आभा और शौर्यपूर्ण प्रदर्शन के साथ, जनमानस को मोहित करती हुई, इस दिव्य आयोजन में शामिल हुई।

इस नगर प्रवेश का प्रमुख आकर्षण थे पूज्य श्री मणि महेश महाराज जी, जो श्री काली शिला सिद्ध पीठ से पधारे थे। उनके नेतृत्व में अखाड़े के नागा साधुओं ने लाठी प्रदर्शन की विलक्षण कला का प्रदर्शन किया। हर लाठी की घूम, हर फुर्तीली चाल और हर अनुशासनबद्ध क्रिया, केवल युद्ध कौशल नहीं, बल्कि तप और साधना का जीवंत उदाहरण थी। यह प्रदर्शन न केवल अद्वितीय था, बल्कि हर दर्शक के मन में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार कर गया।




श्री मणि महेश महाराज जी की उपस्थिति में यह नगर प्रवेश केवल एक परंपरागत शोभा यात्रा नहीं थी, बल्कि यह भारतीय सनातन संस्कृति का गर्वोत्तम उत्सव था। अखाड़े की इस यात्रा ने अपने साथ शिव भक्ति की गूंज, शौर्य की झलक और सन्यासियों की साधना का संदेश दिया। उनके पवित्र और दृढ़ संकल्पित स्वरूप ने जैसे प्रयागराज की पावन भूमि को और भी पवित्र कर दिया।

लाठी प्रदर्शन के दौरान, आकाश में गूंजते जयकारों और श्रद्धालुओं की भावविभोर दृष्टि के बीच, ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो स्वयं भगवान शिव अपने गणों के साथ इस शोभा यात्रा में उपस्थित हों। यह आयोजन केवल एक धार्मिक रस्म नहीं था, बल्कि एक ऐसा अवसर था जिसने भक्ति, परंपरा, और भारतीय संस्कृति के वैभव को पुनः उजागर किया।

इस नगर प्रवेश ने न केवल महाकुंभ मेले को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया, बल्कि यह दिखाया कि आध्यात्मिकता और परंपरा का यह संगम सदैव भारतीय संस्कृति की आत्मा बना रहेगा। श्री शंभू पंचदशनाम अखाड़ा का यह दिव्य आगमन, अनंत काल तक श्रद्धालुओं के हृदय में अंकित रहेगा। सर्वत्र सनातन धर्म वर्चस्व कामार्थम ।

अनिल पुरोहित “गुरु जी”