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सरकारी जमीन पर अवैध कब्ज़ा : एक लंबे समय से उत्तराखंड में सरकारी जमीन को कब्जाने के लिए जगह जगह अवैध मजारों को निर्माण किया जा रहा है। ऐसी ही एक मजार जनपद पौड़ी के कल्जीखाल ब्लॉक के किमोली गांव में भी बनी थी जिस पर काफी विवाद चल रहा था। इस मजार पर टिन शेड डलवाने के लिए विधायक निधि से 2 लाख रुपए भी दे दिए गए थे। लेकिन विवाद बढ़ते देख जिला प्रशासन ने बुधवार को उस पर बुलडोजर चला ध्वस्त करना शुरू कर दिया है।
स्थानीय लोगों से पता चला कि किमोली गांव की चारागाह में लगभग 22 साल पहले एक अवैध मजार बनाई गई थी जो कि एक सरकारी जमीन है। मजार का संचालन वर्तमान में हरीश चंद्र बौड़ाई कर रहे थे। विगत 3 दिसंबर को विधायक पौड़ी राजकुमार पोरी की अपनी निधि से मजार में टिन शेड बनवाए जाने के लिए दो लाख की संस्तुति की संस्तुति दी थी। विधायक द्वारा संसोधित निधि का पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो गया जिससे इस मसले पर वहां बवाल हो गया। विश्व हिंदू परिषद और अन्य हिंदू संगठनों ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई।
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इस मामले में विवाद बढ़ता देख जिला प्रशासन तुरंत हरकत में आया और बुधवार शाम को नायब तहसीलदार पौड़ी हरेंद्र खत्री के नेतृत्व में प्रशासन की एक टीम किमोली गांव पहुंच गई । टीम ने चिलोली चरागाह में बनी अवैध मजार को बुलडोजर से ध्वस्त करवाना शुरू कर दिया।
नायब तहसीलदार पौड़ी ने बताया कि मजार का निर्माण सरकारी भूमि पर अवैध रूप से बीते 22 वर्ष पहले किया गया था। शासन-प्रशासन के निर्देश पर मजार को ध्वस्त कर दिया गया। ।
