स्थाई राजधानी गैरसैंण की मांग के लिए उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस 9 नवंबर को  कर्णप्रयाग में होगा धरना


कर्णप्रयाग : गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने के मुद्दे को लेकर राज्य स्थापना दिवस 9 नवंबर को कर्णप्रयाग में विशाल धरना दिया जाएगा। इसके लिए स्थायी राजधानी निर्माण संघर्ष समिति गांवों में जागरूकता अभियान चला रही है और ग्रामीणों से धरने में प्रतिभाग करने की अपील की जा रही है।

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

ज्ञातव्य हो कि 2000 में जब राज्य का गठन हुआ था, तो देहरादून को इसकी अंतरिम राजधानी बनाया गया था, इस शर्त के साथ कि अंततः गैरसैंण में ही स्थाई राजधानी बनेगी। लेकिन 25 साल बाद भी, देहरादून राजधानी बना हुआ है, जबकि गैरसैंण सहित उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों को आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। इन्हीं बातों को मद्दे नजर रखते हुए उत्तराखंड के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी आ ए एस श्री विनोद प्रसाद रतूड़ीं जी (पूर्व सचिव उत्तराखंड सरकार ) ने मुहिम छेड़ी है ।

बुधवार को स्थायी राजधानी निर्माण संघर्ष समिति के संयोजक रिटायर्ड आईएएस अधिकारी विनोद रतूड़ी के नेतृत्व में सिरोली, भटोली, उज्ज्वलपुर, ताल, आदिबद्री  आदि गांवों का भ्रमण कर ग्रामीणों से गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने के लिए एकजुट होने की बात कही गई। विनोद रतूड़ी ने कहा कि जिस तरह से उत्तराखंड राज्य के गठन के लिए आंदोलन किया गया था वैसे ही स्थायी राजधानी गैरसैंण में बनाने के लिए वृहद आंदोलन की आवश्यकता है। 

समिति के संयोजक विनोद रतूड़ी ने कहा कि संघर्ष समिति की ओर से पूर्व में दिल्ली के जतंर-मंतर और परेड ग्राउंड देहरादून में गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने की मांग को लेकर किए गए धरना-प्रदर्शन में जिस तरह से उनको समर्थन मिला है, उसे देखते हुए लग रहा है कि स्थानीय लोग इस संवेदनशील पहल के प्रति गंभीर हैं। उन्होंने जनता रविवार 9 नवंबर को कर्णप्रयाग में प्रस्तावित धरने में प्रतिभाग करने का आह्वान किया है।