ललित कला अकादमी में अदभुत नेल पेंटिंग प्रदर्शनी 

नई दिल्ली : वीरवार 1 सितम्बर 2022 को ललितकला केंद्र दिल्ली में देश विदेश में अपनी कला का लोहा मनवा चुके चित्रकार शेखर चंद्र जोशी के 80 चित्रों की एकल कला प्रदर्शनी लगाई गई। इसका उद्घाटन पदमश्री श्याम सुंदर शर्मा जी ने ऑनलाइन किया। 

देवभूमि उत्तराखंड के जनपद अल्मोड़ा के प्रकृति प्रेमी चित्रकार शेखर चंद्र जोशी ने अपनी कलाकृतियों में प्रकृति के स्थूल और सूक्ष्म रूप को जीवंत किया है। कम रंगों के प्रयोग से उन्होंने अधिक से अधिक प्रकृति के निकट जाने का प्रयास किया है। 

कलाकार का प्रकृति से निकट का वास्ता है इसलिए इनकी कलाकृतियों में प्राकृतिक सौंदर्य के साथ साथ कवी सुमित्रानंदन पंत की कविताओं का समावेश भी दिखाई देता है। 

उनकी मेहनत और रचनात्मकता को देखकर कलाप्रेमी उनकी कला के कायल हो रहे हैं। 

इस अवसर पर नवीन कुमार जग्गी, मुकुल पंवार, ईशान बहुगुणा के अलावा अनेकों कलाप्रेमी उपस्थित थे। 

बता दें जोशी जी नखक्षत जैसी अनूठी शैली के अदभुत कलाकार हैं। इस कला में  कलम, पेंसिल, ब्रश, रंग के बिना ही नाखूनों द्वारा चित्र उकेरे जाते हैं। इसके अतिरिक्त वे इसे रंग के साथ गद्दीदार सिक्कों के उपयोग से कागज़ तथा कैनवास पर भी चित्रित करते हैं। जनजीवन, संगीत व् समाज आदि पर आधारित उनके कई प्रमुख चित्र हैं।  उत्तराखंड का संघर्ष तैल चित्र ललित कला अकादमी दिल्ली द्वारा क्रय किया गया है। उन्होंने देश विदेश में अब तक 50 से अधिक शो किये हैं जिनमें फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया, कोरिया, कनाडा सहित विदेशों में उनके कार्यों का प्रदर्शन और संग्रह भी किया गया है। 


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