(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({});

गढ़वाली फिल्म मेरू गौं : गंगोत्री फिल्म्स की बेहद ही लोकप्रिय गढ़वाली फिल्म ने उत्तराखंड के देहरादून, ऋषिकेश और कोटद्वार के सिनेमाघरों में खूब धूम मचाई है। जिसे देखते हुए दिल्ली एनसीआर में भी इसे दिखाने की मांग उठने लगी।  जनता की मांग को देखते हुए इस फिल्म को 6 जनवरी, 2023 से दिन में 1.15 बजे से इन्द्रापुरम, ग़ाज़ियाबाद के जयपुरिया मॉल में प्रदर्शित किया जा रहा है। 

यह फिल्म मात्र एक फिल्म ना होकर  कुछ सुलगते सवालों मसलन उत्तराखंड की  भाषाओं को संविधान की आठवीं अनुसूचि में शामिल कराने, बेेहतर स्वास्थ्य, अच्छी शिक्षा, 2026 में होने वाले परिसीमन पर विमर्श, स्थायी राजधानी का मसला, बेरोज़गारी, पहाड़ी राज्य की अवधारणा को ख़त्म करती राजनीतिक चालें, पलायन के मुख्य बिंदुओं पर सकारात्मक चर्चा, गाँवों के अतिरिक्त छोट-छोटे शहरों को विकसित कर हर प्रकार की सुविधा प्रदेशवासियों को मुहैय्या करवाना जैसे मुद्दों को लेकर बनाई गई है। 


फिल्म के निर्माता राकेश गौड़ ने सभी उत्तराखंडी लोगों से इस फिल्म को देखने का निवेदन किया है। उन्होंने कहा कि फिल्म उत्तराखंड की पृष्ठभूमि पर होने की वजह से आपका मनोरंजन तो करती है साथ ही पहाड़ के जीवंत मुद्दों को भी आपके सामने लाती है। यह विचारों का मंथन है, इसे देखकर जो युवा रिवर्स पलायन करना चहते हैं उन्हें जरूर लाभ मिलेगा ।

दिल्ली-एनसीआर के वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता श्री संजय चौहान जी ने भी समस्त उत्तराखंडवासियों से आह्वान किया की आओ मिलकर अपनी उत्तराखण्डी संस्कृति,बोली भाषा,गाँव से पलायन रोकने एवं उन्हें बचाने के लिए सभी से निवेदन किया है कि अपने गाँव व अपनी भाषा से प्रेम करने वाले  दिल्ली एनसीआर में रह रहे सभी प्रवासी भाई बहिनों को यह फिल्म अवश्य देखनी चाहिए। वरिष्ठ भाजपा नेता श्री हरीश कडाकोटी जी ने भी अपनी  पहाड़ी बोली में सबसे फ़िल्म को देखने के लिए जोर दिया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *