मठ गांव जिला चमोली उत्तराखंड





कर्णप्रयाग :
जनपद चमोली के दशोली ब्लॉक के मठ गांव में लगातार हो रहे भूस्खलन से गांव को खतरा बना हुआ है लेकिन अभी तक इसका कोई ट्रीटमेंट नहीं हो पाया है। पहाड़ी से हो रहा भूस्खलन आवासीय भवनों से कुछ ही मीटर की दूरी तक पहुंच गया है, जिससे ग्रामीण डर के साये में जीने को मजबूर हैं।

गांव के लगभग 24 मकान इस भूस्खलन की जद में आ रहे हैं।  वर्ष 2010 में  शुरू हुआ भूस्खलन 2024 आने तक काफी बढ़ चुका है। गांव वालों की शिकायत पर प्रशासन ने वर्ष 2010 में भूस्खलन का निरीक्षण किया था और इसके ट्रीटमेंट के लिए टीएचडीसी को जिम्मेदारी सौंपी गई थी, लेकिन तब से अभी तक इस भूस्खलन क्षेत्र में काम आरंभ नहीं हो पाया है।




प्रभावित गांव के ग्रामीणों कहना है कि भूस्खलन अब इतना बढ़ चुका है कि वो कई आवासीय मकानों के लिए खतरा बन चुका है। तहसील प्रशासन द्वारा भूस्खलन क्षेत्र का कई बार सर्वे किया गया, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। मठ-झड़ेता के ग्राम प्रधान संजय राणा ने कहा कि गांव में लगभग 50 परिवार रहते हैं, जिनमें से करीब 24 परिवारों के मकान भूस्खलन से खतरे की जद में आ गए हैं। ऐसे में भूस्खलन का स्थायी ट्रीटमेंट किया जाना बेहद जरूरी है।

 

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