उत्तराखंड : सीडीएस अनिल चौहान पहुंचे गढ़वाल विश्वविद्यालय राष्ट्रिय सुरक्षा को बताया सांझा जिम्मेदारी


श्रीनगर : हेमवती नन्दन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय श्रीनगर के चौरास परिसर में शनिवार को सामरिक सोच एवं राष्ट्रिय सुरक्षा विषय पर आयोजित विशेष कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे सीडीएस जनल अनिल चौहान ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा केवल सेना की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक की साझी जिम्मेदारी है। इसकी शुरुआत विद्यालयों और विश्वविद्यालयों से होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सामरिक सोच को जन-जन तक पहुँचाना समय की आवश्यकता है, ताकि राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति व्यापक जन-जागरूकता विकसित हो सके। उन्होंने परमाणु संपन्न पडोशी देशों को भारत के लिए प्रमुख चुनौती बताते हुए सुदृढ़ सरकार, मजबूत सेना और रणनीतिक तैयारी पर बल देने की बात कही। 

सीडीएस ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि पचास वर्षों से अधिक की यात्रा में संस्थान ने सही दिशा, गति और कठोर परिश्रम के बल पर उल्लेखनीय उपलब्धियाँ अर्जित की हैं।




उन्होंने उत्तराखंड को देवभूमि और सैन्यभूमि दोनों बताते हुए कहा कि राज्य इन दोनों पहचान के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन, कुलपति एवं समस्त फैकल्टी को बधाई देते हुए कहा कि छात्रों के सपनों को साकार करने में शिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

सीडीएस ने विश्वविद्यालय को दी पुस्तकें भेंट 

इस अवसर पर रक्षा प्रमुख जनरल अनिल चौहान ने विश्वविद्यालय के पुस्तकालय को 227 विभिन्न सामरिक, ऐतिहासिक एवं शोधपरक विषयों से संबंधित महत्वपूर्ण पुस्तकें भेंट स्वरुप प्रदान की। इन पुस्तकों से विधार्थियों और शोधार्थियों को विशेष रूप से लाभ होगा। 

कुलपति ने जनरल चौहान का जताया आभार 

कुलपति प्रो.श्रीप्रकाश सिंह की अध्यक्षता में कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और राष्ट्रगीत वंदे मातरम के साथ हुआ।  कुलपति ने सभी अतिथियों और गणमान्य नागरिकों का अभिनंदन करते हुए कहा कि वीरभूमि आज सीडीएस जनरल अनिल चौहान के आगमन से  गौरवान्वित है। कुलपति ने विश्वविद्यालय द्वारा गढ़वाल राइफल्स रेजिमेंटल सेंटर के साथ जूनियर लेवल डिफेंस मैनेजमेंट डिप्लोमा के लिए समझौता किए जाने की जानकारी दी। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय  द्वारा सैन्य संस्थानों के साथ अकादमिक सहयोग बढ़ाने की दिशा में प्रयास जारी हैं। उन्होंने जनरल चौहान द्वारा विश्वविद्यालय के पुस्तकालय को शोधपरक महत्वपूर्ण पुस्तकों के लिए विशेष आभार जताते हुए कहा कि विद्यार्थी इससे लाभांवित होंगे। 




Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *