अपने नायक जनरल विपिन रावत की अंतिम यात्रा में शामिल हो देश

ने उन्हें नम आँखों से दी विदाई 

देश के प्रथम चीफ ऑफ़ डिफेंस स्टाफ जनरल विपिन रावत और उनकी पत्नी मधुलिका रावत राजधानी दिल्ली के बरार स्क्वायर में पंचतत्व में विलीन हो गए। उनकी बेटियों कृतिका और तारिणी ने मुखाग्नि दी। जीवन के इन अंतिम क्षणों में दोनों के शवों को एक साथ एक ही चिता में  रखा गया और पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। 

जनरल विपिन रावत उनकी पत्नी मधुलिका रावत के पार्थिव शरीर को उनके निवास कामराज मार्ग से दोपहर 2 बजे बरार स्क्वायर ले जाया गया। उनकी इस अंतिम यात्रा के पूरे मार्ग में जनता उनके अंतिम दर्शनों के लिए खड़ी थी और भारत माता की जय, जब तक सूरज चांद रहेगा विपिन तेरा नाम रहेगा के नारों संग पुष्प वर्षा कर अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित कर  रही थी। जैसे जैसे यात्रा आगे बढ़ रही थी लोग अपने जांबाज शेर की एक झलक पाने को आतुर थे। सेना के प्रति देश भर में इस तरह की भावना शायद पहली  बार दिखाई दे रही थी। हर व्यक्ति गमगीन तो था साथ ही जनरल रावत की वीरता पर गर्व महसूस कर रहा था। 

17 तोपों की सलामी देते हुए शाम करीब 5 बजे उनका अंतिम संस्कार किया गया।  इस दौरान लगभग 800 जवानों के अलावा उत्तराखंड से आये जनरल रावत के छोटे भाई का परिवार और मधुलिका रावत के पारिवारिक लोग व बड़ी संख्या में सैनिकों के परिवार, राजनितिक हस्तियां, तथा कई देशों के सेनाध्यक्ष और राजनायिक मौजूद थे।

आपको बता दें कि बुधवार 8 दिसंबर दोपहर को तमिलनाडु के कुन्नूर में MI-17V 5 हेलीकॉप्टर दुर्घटना में जनरल विपिन रावत और उनकी पत्नी मधुलिका रावत के साथ 11 जवानों की भी मृत्यु हो गई थी। इस दुर्घटना में जान गंवाने वालों में लेफ्टिनेंट कर्नल हरजिंदर सिंह, विंग कमांडर पी एस चौहान, स्क्वाड्रन लीडर के सिंह, जेडब्लूओ दास, जेडब्लूओ प्रदीप ए, नायक गुरसेवक सिंह, नायक जीतेन्द्र कुमार, लांस नायक विवेक कुमार, लांस नायक साईं तेजा और हवलदार सतपाल शामिल हैं। 

  

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