चमोली (उत्तराखंड)। उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में मानव और वन्यजीवों के बीच का संघर्ष लगातार हिंसक होता जा रहा है। ताजा मामला चमोली जिले के पोखरी विकासखंड से सामने आया है, जहां चमोली में भालू का हमला होने से पूरे इलाके में कोहराम मच गया है। पोखरी के ग्राम पंचायत नैल के सिदेली तोक में जंगल के पास घास काटने गई दो महिलाओं पर भालू ने अचानक जानलेवा हमला कर दिया। भालू के इस खौफनाक हमले से बचने के प्रयास में दोनों महिलाएं अनियंत्रित होकर करीब 300 मीटर गहरी खाई में जा गिरीं। इस दर्दनाक हादसे में एक महिला की उपचार के दौरान मौत हो गई, जबकि दूसरी महिला की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!जंगल में घास काटने के दौरान हुआ चमोली में भालू का हमला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को नैल-सिदेली गांव की दो महिलाएं रोजाना की तरह गांव के पास के जंगल में मवेशियों के लिए घास काटने गई हुई थीं। इसी दौरान झाड़ियों में घात लगाकर बैठे एक खूंखार वन्यजीव ने उन पर हमला बोल दिया। चमोली में भालू का हमला इतना अचानक और भयानक था कि महिलाओं को संभलने का मौका तक नहीं मिला। भालू को अपने सामने देख महिलाएं खुद की जान बचाने के लिए बदहवास होकर भागीं और चट्टान से फिसलकर गहरी खाई में गिर गईं।
मृतका और घायल महिला की पहचान
इस दुखद हादसे का शिकार हुई महिलाओं की पहचान इस प्रकार है:
- विमला देवी (उम्र 50 वर्ष), पत्नी चंद्रशेखर सिंह (उपचार के दौरान दम तोड़ा)
- लक्ष्मी देवी (उम्र 42 वर्ष), पत्नी गजेंद्र सिंह (गंभीर रूप से घायल)
ग्रामीणों ने किया रेस्क्यू, हायर सेंटर रेफर
चीख-पुकार और शोर-शराबा सुनकर नैल-सिदेली और आसपास के ग्रामीण लाठी-डंडों के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने अदम्य साहस दिखाते हुए गहरी खाई से दोनों घायल महिलाओं को बाहर निकाला और तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) पोखरी पहुंचाया।
अस्पताल में डॉक्टरों ने दोनों का इलाज शुरू किया, लेकिन गहरे जख्मों और अत्यधिक खून बह जाने के कारण विमला देवी की सांसें थम गईं। वहीं, दूसरी घायल महिला लक्ष्मी देवी की नाजुक स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उन्हें तुरंत श्रीनगर मेडिकल कॉलेज (हायर सेंटर) के लिए रेफर कर दिया है।
वन विभाग पीड़ित परिवारों को देगा उचित मुआवजा
सीएचसी पोखरी के डॉक्टरों (डॉ. सनी चौधरी और डॉ. मोहिनी) के मुताबिक, विमला देवी को जब अस्पताल लाया गया, तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। वहीं, भालू के हमले में गंभीर रूप से घायल लक्ष्मी देवी का इलाज चल रहा है। मृतका के शव के पोस्टमार्टम के लिए कर्णप्रयाग से डॉक्टरों की एक टीम बुलाई गई है। घटना की खबर मिलते ही केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग (नागनाथ रेंज) के वन क्षेत्राधिकारी कपिल गुसाईं अपनी टीम के साथ अस्पताल पहुंचे और कहा कि पीड़ित परिवार को नियम के तहत उचित मुआवजा दिया जाएगा।
इलाके में दहशत, वन विभाग से पिंजरा लगाने की मांग
चमोली में भालू का हमला होने की इस घटना के बाद से पोखरी ब्लॉक के नैल, सिदेली और आसपास के दर्जनों गांवों में भारी दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि पहाड़ों में जंगली जानवरों का आतंक इस कदर बढ़ गया है कि अब महिलाएं जंगलों में घास-लकड़ी लेने जाने से भी डरने लगी हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि पीड़ित परिवारों को तुरंत उचित मुआवजा दिया जाए और क्षेत्र में पिंजरा लगाकर हमलावर भालू को जल्द से जल्द पकड़ा जाए, ताकि भविष्य में ऐसी किसी अनहोनी को रोका जा सके।

