देहरादून : सचिवालय में आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने उत्तराखण्ड इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड (यूआईआईडीबी) की एग्जीक्यूटिव कमेटी के तहत चल रहे विभिन्न इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की प्रगति की गहन समीक्षा की। मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने दो टूक शब्दों में कहा कि सभी परियोजनाओं को निर्धारित टाइमलाइन के अनुसार ही पूर्ण किया जाए और इसके लिए नियमित और प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!धीमी प्रगति पर भड़के मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन
बैठक के दौरान शारदा रिवरफ्रंट कॉरिडोर प्रोजेक्ट के कार्यों की बेहद सुस्त रफ्तार पर मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। कार्यदायी संस्था यूपीडीसीसी (UPDCC) द्वारा लगभग 10 महीनों में मात्र 10 प्रतिशत प्रगति किए जाने पर सख्त असंतोष जताते हुए मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने निर्देश दिए कि इस परियोजना के लिए तुरंत एक डेडिकेटेड प्रोजेक्ट मैनेजर की तैनाती की जाए। न्होंने स्पष्ट किया कि इस प्रोजेक्ट मैनेजर की तैनाती सीधे कार्यस्थल पर ही होगी, ताकि मौके पर आने वाली समस्याओं का तत्काल समाधान किया जा सके।
परियोजनाओं को रफ्तार देने के लिए मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने निर्देश दिया कि यूआईआईडीबी के सभी प्रोजेक्ट्स की निर्धारित टाइमलाइन के साथ पर्ट चार्ट (PERT Chart) तैयार किया जाए और हर बैठक में इसी के अनुरूप रिपोर्ट पेश हो। जिन परियोजनाओं में देरी हो रही है, वहां कारणों की स्पष्ट पहचान कर सुधारात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही, मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने प्रमुख सचिव नियोजन को भी इन परियोजनाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं।
कुंभ मेला 2027 और हरिद्वार के विकास कार्यों पर विशेष फोकस
आगामी कुंभ मेला 2027 को ध्यान में रखते हुए मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने प्राथमिकता वाले कार्यों को हर हाल में समय पर पूरा करने को कहा। उन्होंने सती कुंड से सम्बन्धित कार्यों को आगामी 15 दिसंबर तक पूर्ण करने के लिए श्रमिकों और शिफ्टों की संख्या तुरंत बढ़ाने के निर्देश दिए। कार्यों की गति बढ़ाने के साथ ही मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने गुणवत्ता का भी विशेष ध्यान रखने की हिदायत दी।
हरिद्वार में हो रहे विकास कार्यों को लेकर मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने आदेश जारी करने के निर्देश दिए कि कार्यदायी संस्था के महाप्रबंधक (GM) अब हरिद्वार में ही कैंप करेंगे और कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग कर पूरी रिपोर्ट जिलाधिकारी व मण्डलायुक्त को उपलब्ध कराएंगे।
पार्किंग परियोजनाओं के लिए कड़े नियम
सरफेस, अंडरग्राउंड एवं मैकेनिकल पार्किंग के नए प्रोजेक्ट्स को लेकर मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने स्पष्ट गाइडलाइंस जारी की हैं:
क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति के अनुसार सरफेस, अंडरग्राउंड या मैकेनिकल में से जो भी विकल्प
हरिद्वार क्षेत्र में नया पार्किंग प्रोजेक्ट शुरू करने से पहले जिलाधिकारी और मेलाधिकारी से लिखित रूप में अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) लेना अनिवार्य होगा।
पार्किंग योजनाओं का अन्य विभागों की योजनाओं के साथ समुचित इंटीग्रेशन (तालमेल) सुनिश्चित किया जाए। सबसे व्यावहारिक हो, उसी आधार पर निर्माण किया जाए।
रिवर राफ्टिंग विकास और वित्तीय पारदर्शिता के निर्देश
मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने रिवर राफ्टिंग डेवलपमेंट से जुड़े कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि परियोजनाओं के संचालन एवं अनुरक्षण (O&M) के लिए यूपीडीसीसी अगले पांच वर्षों के लिए अपनी समर्पित टीम विकसित करे और उसे साइट पर तैनात करे। साथ ही हरिद्वार एवं ऋषिकेश क्षेत्र के सुचारू काम के लिए अलग यूनिट बनाने को कहा।
प्रोजेक्ट्स में वित्तीय अनुशासन, पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने यूआईआईडीबी के तहत एक विशेष ‘फाइनेंसियल एवं ऑडिट कमेटी’ गठित करने के भी निर्देश दिए।
इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में प्रमुख सचिव डॉ. आर. मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव श्री नितेश कुमार झा, श्री रविनाथ रामन, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, श्री सी. रविशंकर, डॉ. रणवीर सिंह चौहान, विशेष सचिव श्री पराग मधुकर धकाते सहित संबंधित विभागों और यूआईआईडीबी के तमाम वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

