मेरठ, 06 अक्टूबर 2026: मेरठ के कंकरखेड़ा में उत्कर्ष प्रकाशन द्वारा आयोजित एक भव्य साहित्यिक समारोह में प्रख्यात लेखक और गीतकार संदीप रावत की आठवीं गढ़वाली पुस्तक और संस्मरण संग्रह ‘तर्पण’ (दिवंगत साहित्यकारों दगड़ा संस्मरण) का गरिमामयी लोकार्पण संपन्न हुआ। गढ़वाली गद्य साहित्य के इतिहास में इसे संस्मरणों का पहला पूर्ण संग्रह माना जा रहा है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए एक अमूल्य धरोहर साबित होगा। अपनी मातृभाषा गढ़वाली में इस अभूतपूर्व साहित्यिक योगदान के लिए उत्कर्ष प्रकाशन द्वारा लेखक संदीप रावत को ‘गढ़वाली गौरव सम्मान-2026’ से भी विभूषित किया गया।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!श्राद्ध पक्ष में साहित्यकारों को ‘तर्पण’
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, ‘मासिक साहित्यिक संगोष्ठी दिल्ली’ के अध्यक्ष और गढ़वाली भाषा के पहले पहेलीकार आदरणीय श्री जगमोहन सिंह रावत ‘जगमोरा’ ने पुस्तक की सराहना करते हुए कहा, “संदीप रावत जी लंबे समय से गढ़वाली भाषा और साहित्य के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। गढ़वाल के दिवंगत साहित्यकारों पर केंद्रित उनका यह ‘तर्पण’ संस्मरण संग्रह एक ऐतिहासिक और सराहनीय प्रयास है। इस अनूठी कृति के माध्यम से उन्होंने दिवंगत कलमकारों को सच्ची और जीवंत श्रद्धांजलि अर्पित की है।”
समारोह की अध्यक्षता कर रहे प्रसिद्ध कवि एवं फिल्म निर्माता श्री गिरीश त्यागी ने कार्यक्रम की सार्थकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आजकल जब पावन श्राद्ध पक्ष चल रहा है, ऐसे समय में अपने दिवंगत साहित्यकारों का स्मरण करना और इस पुस्तक ‘तर्पण’ का लोकार्पण होना इस आयोजन की महत्ता को और अधिक बढ़ा देता है।
गढ़वाली गद्य साहित्य में एक नई और ऐतिहासिक पहल
दिल्ली से विशेष रूप से पहुंचे गढ़वाली व्यंग्यकार और कवि श्री संदीप घनशाला ‘गढ़वाली’ ने इस प्रयास को रेखांकित करते हुए कहा, “आज के दौर में जब हर कोई व्यक्तिगत स्वार्थ में लिप्त है, ऐसे समय में अपने पुरखों और दिवंगत साहित्यकारों की स्मृतियों को संस्मरण के रूप में सहेजना और उसे प्रकाशित करना बेहद बड़ी बात है। अब तक गढ़वाली साहित्य में संस्मरण विधा पर बहुत ही कम काम हुआ था। इस पुस्तक में संस्मरणों के साथ-साथ साहित्यकारों से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां भी दी गई हैं।”
13 दिवंगत साहित्यकारों की अनमोल यादें
इस अवसर पर भावुक होते हुए लेखक संदीप रावत ने कहा कि हिंदी में तो संस्मरणों की कई पुस्तकें आती रही हैं, लेकिन गढ़वाली में अब तक केवल पत्र-पत्रिकाओं में ही छुटपुट संस्मरण छपते थे। गढ़वाली गद्य साहित्य में संस्मरणों को एक संपूर्ण संग्रह के रूप में सहेजने का यह उनका पहला प्रयास और अनूठी पहल है। इस पुस्तक ‘तर्पण’ में गढ़वाल के 13 दिवंगत साहित्यकारों से जुड़े उनके अत्यंत अनमोल संस्मरण और स्मृतियां समाहित हैं। उन्होंने मां सरस्वती, अपने पितरों, गुरुजनों के आशीर्वाद और उत्कर्ष प्रकाशन के निदेशक श्री हेमंत शर्मा व उनकी पूरी टीम सहित सभी सुधीजनों का सहृदय आभार व्यक्त किया।
साहित्यिक हस्तियों की गरिमामयी उपस्थिति
इस ऐतिहासिक लोकार्पण समारोह में उत्तर प्रदेश रत्न से सम्मानित श्री यशपाल जी, प्रख्यात गजलकार मंगल सिंह ‘मंगल’ जी, समाजसेवी श्री महेंद्र रस्तोगी जी, श्री शीतल खंतवाल जी, उत्कर्ष प्रकाशन की श्रीमती प्रीति शर्मा, अक्षय शर्मा, लेखक व गीतकार श्री मोहन सिंह नेगी जी, श्री सुनील रावत सहित मेरठ में निवास करने वाले बड़ी संख्या में गढ़वाली प्रवासी और प्रबुद्धजन मौजूद रहे। संपूर्ण गढ़वाली समाज ने इस ऐतिहासिक कृति के आगमन पर प्रसन्नता व्यक्त की है।

