देहरादून। राजधानी देहरादून के रायपुर स्थित महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज में आयोजित उत्तराखण्ड स्टेट जिम्नास्टिक चैंपियनशिप 2026 का शानदार समापन हो गया है। इस 15वीं राज्य स्तरीय आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक प्रतियोगिता में प्रदेशभर के बाल और युवा खिलाड़ियों ने अपनी हैरतअंगेज खेल प्रतिभा और बेहतरीन शारीरिक संतुलन का प्रदर्शन कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!इस प्रतिष्ठित उत्तराखण्ड स्टेट जिम्नास्टिक चैंपियनशिप 2026 का सफल आयोजन जिम्नास्टिक फेडरेशन ऑफ इंडिया (GFI) के तत्वावधान में जिम्नास्टिक एसोसिएशन ऑफ उत्तराखण्ड द्वारा किया गया।
शेरवुड कॉलेज बना ओवरऑल चैंपियन, दून और मसूरी का दबदबा
प्रतियोगिता के समापन पर नतीजों की घोषणा के साथ ही विजेता टीमों के खिलाड़ियों के चेहरे खुशी से खिल उठे। इस वर्ष उत्तराखण्ड स्टेट जिम्नास्टिक चैंपियनशिप 2026 की सबसे प्रतिष्ठित ‘ओवरऑल टीम ट्रॉफी’ पर नैनीताल के प्रसिद्ध शेरवुड कॉलेज ने कब्जा जमाया।
वहीं, अलग-अलग वर्गों की बात करें तो बालिका वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए दून जिम्नास्टिक अकादमी ने चमचमाती विनर ट्रॉफी अपने नाम की। बालक वर्ग के कड़े मुकाबलों के बीच सेंट जॉर्ज कॉलेज मसूरी की टीम ने बाजी मारते हुए विनर ट्रॉफी पर अपना परचम लहराया।
समृद्धि और शनाया ने बटोरे 3-3 स्वर्ण पदक
व्यक्तिगत स्पर्धाओं में राज्य के नन्हे और युवा जिम्नास्टों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली। व्यक्तिगत प्रदर्शन के अंतर्गत सब-जूनियर कैटेगरी में समृद्धि शर्मा ने अपनी श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए कुल 03 स्वर्ण पदक (Gold Medals) झटके। वहीं, मिनी-2 कैटेगरी में शनाया सुधांशु ने भी अपनी श्रेणी में दबदबा बनाते हुए 03 स्वर्ण पदकों पर कब्जा किया। इन दोनों खिलाड़ियों का प्रदर्शन इस उत्तराखण्ड स्टेट जिम्नास्टिक चैंपियनशिप 2026 के मुख्य आकर्षणों में से एक रहा।
150 जांबाज खिलाड़ियों ने दिखाया दम
जिम्नास्टिक एसोसिएशन के महासचिव श्री प्रमोद चौधरी ने प्रतियोगिता के सफल संचालन पर हर्ष व्यक्त करते हुए विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि इस राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में उत्तराखण्ड के विभिन्न जिलों, नामचीन विद्यालयों और खेल अकादमियों से आए बालक एवं बालिका वर्ग के कुल 150 खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया। फ्लोर एक्सरसाइज, वॉल्टिंग टेबल और बैलेंसिंग बीम जैसे कठिन आर्टिस्टिक इवेंट्स में प्रदेश के इन युवा खिलाड़ियों ने अपने उच्च स्तरीय कौशल का परिचय दिया।
भविष्य के नेशनल चैंपियंस तैयार करने का मंच
एसोसिएशन के पदाधिकारियों के अनुसार, इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य देवभूमि उत्तराखण्ड में जिम्नास्टिक खेल को धरातल पर प्रोत्साहित करना है। इसके जरिए सुदूर क्षेत्रों के युवा खिलाड़ियों को अपनी छुपी हुई खेल प्रतिभा को प्रदर्शित करने का एक बेहतरीन राज्य स्तरीय मंच उपलब्ध कराया जा रहा है ताकि खेलों के प्रति युवाओं की रुचि को और बढ़ाया जा सके।
खेल विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की उत्तराखण्ड स्टेट जिम्नास्टिक चैंपियनशिप 2026 खिलाड़ियों को अपनी वास्तविक खेल क्षमता को आंकने का मौका देती है, जिससे वे भविष्य में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर की उच्च स्तरीय प्रतियोगिताओं के लिए पूरी तरह तैयार हो सकें।

