जीआईसी धुमाकोट में पूर्व छात्र महिपाल सिंह रावत का स्वागत करते प्रधानाचार्यभूतपूर्व छात्र की अनूठी पहल : जीआईसी धुमाकोट को महिपाल सिंह रावत ने दिए स्मार्ट डिजिटल बोर्ड और सीसीटीवी कैमरे

धुमाकोट (पौड़ी गढ़वाल) : शिक्षा के क्षेत्र में भूतपूर्व छात्र की अनूठी पहल की एक मिसाल राजकीय आदर्श इंटर कॉलेज (जीआईसी) धुमाकोट में देखने को मिली है। विद्यालय के पूर्व छात्र और वर्तमान में मदरसन इंडिया एअर ट्रेबलर एजेंसी लिमिटेड में सहायक उप निदेशक (वाणिज्यिक विकास विभाग) के पद पर कार्यरत श्री महिपाल सिंह रावत ने अपने गृह क्षेत्र के इस विद्यालय को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने का बीड़ा उठाया है।

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प्रधानाचार्य द्वारा विद्यालय में सुरक्षा और डिजिटलाइजेशन के लिए किए गए अनुरोध के बाद, महिपाल सिंह रावत ने भूतपूर्व छात्र की अनूठी पहल के तहत विद्यालय को 8 आधुनिक सीसीटीवी (CCTV) कैमरे और एक स्मार्ट डिजिटल बोर्ड उपहार स्वरूप प्रदान किया है। इस सामग्री के आर्डर दिए जा चुके हैं और आगामी 10 दिनों के भीतर विद्यालय में इसका इंस्टॉलेशन कार्य पूरा कर लिया जाएगा।

विद्यालय परिवार ने जताया आभार

इससे पहले 21 सितंबर 2026 को विद्यालय आगमन पर महिपाल सिंह रावत ने स्कूल को वाद्य यंत्र (हारमोनियम एवं तबला) भी भेंट किए थे। विद्यालय के प्रधानाचार्य एवं समस्त विद्यालय परिवार ने भूतपूर्व छात्र की अनूठी पहल की सराहना करते हुए कहा कि अपनी ‘अल्मा मेटर’ (मातृ संस्था) को एक विश्वस्तरीय संस्थान बनाने के लिए उनका यह योगदान सराहनीय और प्रेरणादायक है।

उद्घाटन समारोह का आयोजन

इस आधुनिक तकनीक और सुरक्षा उपकरणों के समर्पण को लेकर 31 अक्टूबर 2026 स्थान राजकीय आदर्श इंटर कॉलेज परिसर में एक भव्य उद्घाटन समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर महिपाल सिंह रावत मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनकी मौजूदगी में इस नई शुरुआत का उद्घाटन किया गया।

धुमाकोट में परीक्षा केंद्र स्थापित करने का अगला लक्ष्य

अपनी इस भूतपूर्व छात्र की अनूठी पहल को और आगे बढ़ाते हुए महिपाल सिंह रावत ने एक और महत्वपूर्ण सुझाव दिया है। उन्होंने कहा कि वे क्षेत्र के स्थानीय छात्रों के उज्जवल भविष्य के लिए धुमाकोट में ‘प्रतियोगी परीक्षा केंद्र’ (Competitive Examination Centre) स्थापित करने हेतु सरकार से संपर्क करेंगे। इससे न केवल स्थानीय युवाओं को आगे बढ़ने का मौका मिलेगा, बल्कि क्षेत्र में पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी (आतिथ्य सत्कार) जैसे क्षेत्रों में भी रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। उनका मानना है कि इस केंद्र के खुलने से पलायन रुकेगा और धुमाकोट शिक्षा के एक प्रमुख हब के रूप में विकसित होगा।