फोटो आभार मायाराम बहुगुणा
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KARNPRAYAG : उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी बाबा मोहन उत्तराखंडी की याद में 9 और 10 अगस्त 2023 को दो दिवसीय शहीद स्मृति मेला आयोजित किया जा रहा है। मेला समिति द्वारा इसकी तैयारियां जोर शोर से शुरू कर दी गई है।
गैरसैंण को उत्तराखंड की स्थायी राजधानी बनाए जाने की मांग को लेकर शहीद बाबा मोहन उत्तराखंडी 2 जुलाई 2004 से कर्णप्रयाग, गैरसैंण और नारायणबगड़ विकास खंडों की जनता के साथ प्रसिद्ध पर्यटक स्थल बेनीताल के टुपरी उड्यार में 38 दिनों तक भूख-हड़ताल पर बैठे थे । इस दौरान आठ अगस्त 2004 को प्रशासन ने जबरन उन्हें अनशन स्थल से उठा कर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कर्णप्रयाग में भर्ती किया था जहां रात के समय उन्होंने अंतिम सांस ली। राजधानी निर्माण संघर्ष समिति द्वारा बाबा मोहन उत्तरखण्डी की प्रथम पुण्य तिथि 9 अगस्त 2005 से ही बेनीताल में शहीद स्मृति मेला आयोजित किया जा रहा है।
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मेला समिति के सचिव बीरेंद्र मिंगवाल ने बताया कि डीएम से मुलाकात कर 9 और 10 अगस्त को होने वाले शहीद स्मृति मेले की सफलता के लिए पुलिस, जल संस्थान, लोनिवि, मद्य निषेध, शिक्षा, विद्युत, स्वास्थ्य, खाद्य सुरक्षा, वन व राजस्व विभाग को मेले की व्यवस्थाएं बनाने के लिए निर्देशित करने का आग्रह किया गया है। उन्होंने कहा कि मेले में स्थानीय रंगकर्मियों एवं कलाकारों को प्राथमिकता दी जाएगी, साथ ही सांस्कृतिक टीमों सहित विभिन्न विभागों के स्टाल व स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाएंगे।
बता दें कि चमोली जिले के गैरसैंण ब्लाक के आदिबद्री क्षेत्र में स्थित है बेनीताल। प्राकृतिक सुंदरता से सरावोर यह क्षेत्र बहुत ही रमणीक स्थल है जो पर्यटकों को स्वतः ही अपनी ओर आकर्षित करता है। ढलवां हरी-भरी पहाड़ियों और बुग्यालों को खुद में समेटे यह क्षेत्र लोगों को बरबस अपनी ओर खींच लाता हैं। वहीं बेनी पर्वत पर ढलवा क्षेत्र में प्राकृतिक झील पर्यटकों का मन मोह लेती है।
यह क्षेत्र प्राकृतिक सुंदररता के लिए हीं नहीं वरन, राज्य निर्माण और गैरसैंण राजधानी की मांग के लिए आंदोलनों का प्रमुख स्थल भी रहा है।
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