जम्मू कश्मीर के डोडा जिले में आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में उत्तराखंड के जवान कैप्टन दीपक सिंह हुए बलिदान 4 आतंकवादियों के मारे जाने की खबर



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Doda Encounter :
 जम्मू-कश्मीर के डोडा में बुधवार को सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ में सेना के एक कैप्टेन बीरगति को प्राप्त हुए। वहीं, चार आतंकियों के मारे जाने की भी सूचना है।

पिछले दिनों जम्मू-कश्मीर में आतंकियों की बढ़ती हरकरतों को देखते हुए सुरक्षाबलों द्वारा उनके समूल नाश के लिए प्रदेश के अलग-अलग स्थानों पर सर्च अभियान जारी रखा हुआ हैं। मंगलवार को सुरक्षाबलों को इनपुट मिला कि डोडा के अस्सार गांव के जंगलों में आतंकियों को देखा गया है। शाम को सेना ने सर्च अभियान चलाया। इस अभियान को कैप्टन दीपक सिंह लीड कर रहे थे। वे 48 राष्ट्रीय राइफल से हैं। बुधवार को आतंकियों के साथ हुई मुठभेड़ में देहरादून निवासी 25 वर्षीय कैप्टन दीपक सिंह बलिदान हो गए।

बलिदानी कैप्टन दीपक 13 जून 2020 को सेना में कमीशन हुए थे। उनका परिवार दून के रेसकोर्स में रहता है। गुरुवार को उनका पार्थिव शरीर दून लाया जाएगा।

सेना के मुताबिक, एनकाउंटर अभी जारी है। आतंकी जंगल में एक नदी के पास छिपकर फायरिंग कर रहे हैं। सुबह वे फायरिंग के दौरान पीछे भाग गए थे। वहां से जवानों को अमेरिकी एम-4 राइफल और तीन बैग में विस्फोटक मिला है।

जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में यह 30 दिन में दूसरा हमला है। इससे पहले 15 जुलाई की रात 9 बजे डेसा फॉरेस्ट एरिया में आतंकियों के साथ आर्मी की मुठभेड़ हुई थी। इस एनकाउंटर में सेना के कैप्टन समेत 4 जवान शहीद हो गए थे। एक पुलिसकर्मी की भी मौत हुई है। इस एनकाउंटर की जिम्मेदारी आतंकी संगठन जैश ने ली थी।

जम्मू-कश्मीर में बढ़ती आतंकी घटनाओं को लेकर दिल्ली में रक्षा मंत्री ने मीटिंग बुलाई। इसमें NSA अजीत डोभाल, आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के प्रमुख शामिल हुए। बैठक की जानकारी सामने नहीं आई है।

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