बद्रीनाथ धाम : चढ़ावा चोरी मामला में पूर्व मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान गिरफ्तार सीसीटीवी फुटेज में नोटों की गड्डियां जेब में रखते दिखेबद्रीनाथ धाम : चढ़ावा चोरी मामला में पूर्व मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान गिरफ्तार सीसीटीवी फुटेज में नोटों की गड्डियां जेब में रखते दिखे

बद्रीनाथ धाम : चढ़ावा चोरी मामले में पूर्व मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान गिरफ्तार सीसीटीवी फुटेज में नोटों की गड्डियां जेब में रखते दिखे

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ज्योतिर्मठ : बद्रीनाथ मंदिर में चढ़ावे की धनराशि और दान सामग्री की कथित चोरी के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व मंदिर अधिकारी एवं तत्कालीन थाली भेंट गणना प्रभारी राजेंद्र चौहान को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का दावा है कि सीसीटीवी फुटेज, दस्तावेजी साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर आरोपी की संलिप्तता सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई।

पुलिस के अनुसार, विवेचना में पता चला है कि राजेंद्र चौहान ने बीकेटीसी कर्मचारी प्रमोद नौटियाल के साथ मिलकर चढ़ावे की चोरी की साजिश रची थी। राजेंद्र चौहान 30 जून को सेवानिवृत्त हुए थे।

CCTV फुटेज में कैद हुई संदिग्ध गतिविधियां

जांच में सामने आई 22, 25 और 29 जून की सीसीटीवी फुटेज में राजेंद्र चौहान कई बार 500 रुपये के नोटों की गड्डियां, दान सामग्री और आभूषण अपनी जेब में रखते हुए दिखाई दिए। इसके बाद पुलिस ने शुक्रवार को उन्हें ज्योतिर्मठ से पूछताछ के लिए बदरीनाथ थाना बुलाया, जहां करीब चार घंटे की पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

एक और आरोपी पुलिस के रडार पर

पुलिस जांच में एक अन्य व्यक्ति की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है। अधिकारियों का कहना है कि उसकी पहचान कर ली गई है और जल्द ही उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।

पहले ही गिरफ्तार हो चुका है बीकेटीसी कर्मचारी

इस मामले में पुलिस 12 जुलाई को बीकेटीसी कर्मचारी प्रमोद नौटियाल को गिरफ्तार कर चुकी है। फिलहाल वह न्यायिक अभिरक्षा में पुरसाड़ी कारागार में बंद है।

22 जून की फुटेज भी जांच के दायरे में

जांच अधिकारियों के अनुसार, 22 और 25 जून की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग का बारीकी से परीक्षण किया गया, जिसमें कुछ अन्य व्यक्तियों की गतिविधियां भी संदिग्ध दिखाई दी हैं। पुलिस उनकी पहचान और भूमिका की जांच कर रही है।

डीवीआर किया गया सील

मामले में अहम इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य सुरक्षित करने के लिए पुलिस ने मंदिर के सीसीटीवी सिस्टम की डीवीआर (डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर) को कब्जे में लेकर सील कर दिया है। इसकी फोरेंसिक जांच कराई जाएगी और रिपोर्ट को न्यायालय में साक्ष्य के रूप में पेश किया जाएगा।

जांच के पर्यवेक्षक एवं पुलिस उपाधीक्षक मदन सिंह बिष्ट ने बताया कि मामले की हर पहलू से निष्पक्ष और साक्ष्य आधारित जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।