उत्तराखंड के दूरस्त गांवों में दूर होंगी समस्याएं, अधिकारी खुद दूर-दराज के गांवों में जाकर समस्याओं से होंगे रूबरू

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देहरादून:- पलायन की पीड़ा और खाली होते उत्तराखंड के दूरस्त गांव, कारण वहां मूलभूत सुविधाओं का न होना सरकारों के विकास मॉडल की खिल्ली उड़ाते है। किंतु अब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी चुनावी मोड़ पर है और उनका ध्यान पूरी तरह से गाँवो पर टिका है। उत्तराखंड के मुख्य सचिव एस एस संधू के आदेश पर देहरादून के डीएम आर राजेश कुमार ने दूर दराज के गांवों में जाने के विभिन्न विभागों के अधिकारियों को दिशा निर्देश जारी किये है। 

बता दें कि उत्तराखंड के दूरस्त गांवों में राज्य बनने के वर्षों बाद भी मूल सुविधाओं का अभी तक अभाव है। अफसरशाही व जनप्रतिनिधि देहरादून में बैठे रहते हैं ऐसे में ग्रामीणों की समस्या सुनने वाला कोई नहीं और कई गांव तो ऐसे है जो अभी भी सड़क मार्ग से नहीं जुड़े हैं इसे देखते हुए मुख्यमंत्री ने कमर कस ली है।  अब राज्य के मुख्य विकास अधिकारी, अपर जिला अधिकारी, एसडीएम, तहसीलदार, नगर मजिस्ट्रेट और खंड विकास अधिकारी अब अलग अलग दिन दूरस्थ गांवों में जाकर सीधे जनता की समस्याओं से रूबरू होंगे।  किन अधिकारीयों को कौन से दिन  किस गांव जाना है उसके लिए रोस्टर तय कर दिए गए हैं।  

अपने गांव भ्रमण के दौरान अधिकारी क्षेत्र की जनता की शिकायतों के साथ साथ विभिन्न योजनाओं का निरिक्षण भी करेंगे और इस दौरान जनहित की समस्यायों का समाधान भी किया जाएगा। यही नहीं मुख्य मंत्री धामी भी गांवों की जनता से सीधे जुड़ने की योजना पर काम कर रहे और जल्द ही वे भी गांवों का दौरा कर जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने की कोशिश करेंगे।