अपनी जड़ों से जुड़कर ही हम विकसित भारत की कामना कर सकते है-बालकवि कार्तिक तिवारी


गोपेश्वर : उत्तराखंड के चमोली जनपद के पीएम श्री राजकीय इंटरमीडिएट कॉलेज ग्वाड देवलदार दसौली चमोली में भारतीय भाषा समर कैंप के पंचम दिवस का आयोजन अत्यंत उत्साह पूर्वक एवं सृजनात्मक वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत ज्ञान संगीत एवं साहित्य की अधिष्टात्री देवी मां शारदा की वंदना हुई, जिससे पूरे सभागार में आध्यात्मिक प्रेरणादाई ऊर्जा का संचार हुआ । कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन प्रधानाचार्य श्री थपलियाल जी द्वारा दीप प्रजवलन के माध्यम से किया गया।

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इस अवसर पर बाल कवि कार्तिक तिवारी पहाड़ी ने अपनी गढवाली कविताओं के माध्यम से बच्चों में अपनी दुधबोली भाषा बोलने के लिए प्रेरित किया और साथ ही साथ बच्चों द्वारा पूछे गए प्रश्नों का जवाब भी दिया। कक्षा 6 के विद्यार्थी ने उनसे पूछा कि आप गढ़वाली भाषा में कैसे रचनाएं करते हैं, तो कार्तिक तिवारी ने बताया की सर्वप्रथम हमें किस विषय पर रचना करनी है उसके बारे में पूरी जानकारी इकट्ठी करनी चाहिए उसके बाद वह कहां-कहां क्या-क्या कार्य में आता है यह भी जानकारी होनी चाहिए और हमारी संस्कृति और प्रकृति एवं समाज में इसका क्या महत्व है इसकी भी पूरी जानकारी होनी चाहिए।

कार्तिक ने कहा जब हम बच्चे होते हैं तब हमारे दादा दादी हमसे गढ़वाली में बात करते हैं और जैसे ही हम स्कूल जाने लगते हैं तो हम हिंदी और अंग्रेजी में बात करने लगते हैं । कार्तिक ने बताया सभी भाषाओं का सम्मान करना चाहिए परंतु अपनी दुधबोली भाषा गढवाली को महत्व देना चाहिए।