प्रतिम भरतवाण इंदिरापुरम में




Indirapuram Uttaraini Makaraini Kauthig 2024 :
पर्वतीय प्रवासी जन कल्याण समिति इंदिरापुरम द्वारा आयोजित तीन दिवसीय उतरैणी-मकरैणी कौथिग 2024 का रविवार को जागर सम्राट प्रीतम भरतवाण की धमाकेदार प्रस्तुति के साथ सफल समापन हुआ। प्रीतम भरतवाण को सुनने के लिए शिप्रा मॉल मैदान में जन सैलाव उमड़ पड़ा। 

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कौथिग के अंतिम दिन दोपहर एक बजे से तीन बजे तक महिलाओं के लिए उत्तराखंड के पारंपरिक परिधानों पर आधारित “परिधान प्रतियोगिता” आयोजित की गयी। इस प्रतियोगिता को देखने के लिए काफी संख्या  मातृ शक्ति पहुंची। प्रतियोगिता की विजेता रही जानकी भंडारी। वहीं दूसरे स्थान पर भावना ध्यानी तथा तीसरे स्थान पर डिंपल गुसाईं रही। प्रतियोगिता में जज की भूमिका पूजा भट्ट एवं श्वेता पांडे ने निभाई।

प्रीतम भरतवाण के गीतों पर झूमे दर्शक 




दोपहर 3 बजे से उत्तराखंड के सुप्रसिद्ध जागर सम्राट प्रीतम भरतवाण ने अपनी प्रस्तुतियों से सर्द होती शाम में माहौल को गर्मा दिया। भरतवाण के गीतों पर क्या बुजुर्ग क्या युवा सभी मंत्रमुग्ध थे। उनके द्वारा गाये सरुली मेरु जिया लगी गे…तेरी रौंतेली मुखड़ी मा…. गीत पर तो वहां उपस्थित अपार जनसमूह अपने अपने स्थानों पर ही  नाचने पर विवश हो गए। 


इस सुंदर और संगीतमय कार्यक्रम में मुख्य अतिथि भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय महासचिव दीप्ति रावत तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में भूतपूर्व मेयर आशा शर्मा मौजूद रही।

कार्यक्रम  में एक ओर जहां लोग भरतवाण के गीतों का आनंद ले रहे वहीं कार्यक्रम स्थल में मौजूद उत्तराखंडी स्टालों में भी लोग पहाड़ी उत्पादों के विषय में जानकारी लेते और खरीदते नज़र आये। महिलाओं ने उत्तराखंडी कौथिग की खास पहचान जलेबी का भी खूब स्वाद लिया। वहीं रेनू उनियाल के पहाड़ी व्यंजनों के स्टाल “उत्तराखंडी रस्याण” में लोगों ने मूले की थिंचाड़ी, फाणू-भात, कफली, कोदे की रोटी, मिक्स पहाड़ी दाल, पहाड़ी नमक आदि पहाड़ी व्यंजनों का जमकर लुफ्त उठाया। इसके अलावा सुबोध थपलियाल एवं मधू थपलियाल की पहाड़ी ज्वेलरी की शॉप “शुभकारिज” से महिलाओं ने पहाड़ी नथ, गुलबंद व अन्य आभूषण तथा पहाडीफ्रेश के स्टाल से भी लोगों ने जमकर खरीददारी की।




इस अवसर पर पर्वतीय प्रवासी जन कल्याण समिति के अध्यक्ष सागर रावत, मीडिया प्रभारी सौरभ कबटियाल एवं गिरीश रावत के साथ उनकी समस्त कार्यकारिणी की टीम के अलावा पत्रकार सीएम पपनै, सत्येंद्र नेगी, गीतकार व कवी डॉ सतीश कालेश्वरी, प्रताप थलवाल, मिथुन दा कुलदीप, एडवोकेट समित नेगी, संकल्प, अनिल सती, नीलू सती, मंजू रतूड़ी, रेनू उनियाल, मंजू जोशी, जया रतूड़ी, व अनेकों गणमान्य व्यक्तियों सहित सैकड़ों संस्कृति प्रेमी लोग मौजूद रहे।