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उत्तराखंड की बेटी अंकिता को न्याय दिलाने की मांग को लेकर उत्तराखंडी संगठनों ने संसद की चौखट जंतर मंतर पर किया धरना प्रदर्शन जताया आक्रोश
नई दिल्ली : उत्तराखंड की बेटी अंकिता भंडारी को इंसाफ देने मांग दिल्ली में भी जोर पकड़ने लगी है। उत्तराखंड के तमाम संगठन इस पर अपना आक्रोश जता रहे हैं। रविवार 9 अक्टूबर को दिल्ली एनसीआर में रह रहे उत्तराखंड वासियों की सभी संस्थाओं और जनमानस को उत्तराखंड बचाओ आंदोलन का नेतृत्व कर रहे उद्यमी और समाजसेवी जगदीश भट्ट जी ने संसद भवन के द्वार जंतर मंतर पर आव्हान किया और जंतर मंतर पर धरना देकर पहाड़ की बेटी जो कि अपने घर को समृद्ध बनाने के लिए पहाड़ में रहकर ही कार्य करना चाहती थी उसकी निर्मम ह्त्या कर दी गयी थी उसके लिए न्याय की मांग को लेकर जंतर मंतर से चेतावनी दी कि उत्तराखंड राज्य में डबल इंजन सरकार होते हुए हमारी बिटिया को न्याय नहीं मिल पा रहा। केंद्र सरकार और राज्य सरकार को न्याय तो देना ही पडेगा अन्यथा इस बार जनता नहीं थमेगी |
बड़ी संख्या में मातृ शक्ति के साथ तारा दत्त भट्ट, रमेश शर्मा, उमेश मठपाल, ओंकार सिंह कोली, कमल ध्यानी, दीपिका नयाल, पुष्पा भट्ट, गायिका कौसल पांडेय और चारु तिवारी, बेटी अंकिता को श्रद्धांजलि देने जंतर-मंतर पहुंचे और अंकिता भंडारी को इंसाफ देने की मांग की।
बता दें कि अंकिता की हत्या को तीन हफ्ते बीत चुके हैं, लेकिन अभी भी उसे इंसाफ नहीं मिल पाया है। लोगों के चहरे से बेटी के न्याय के लिए धामी सरकार के खिलाफ आक्रोश दिखाई दिया और उनकी मांग है कि इस मामले की जांच सी बी आई से कराई जाए। इस मुद्दे पर लोग भाजपा सरकार को घेर रहे हैं और उस VIP का नाम उजागर करने की मांग कर रहे हैं जिसके लिए अंकिता पर दबाव बनाया जा रहा था।
उत्तराखंडियों ने अश्रु भरे शब्दों और आक्रोशित होकर कहा कि अब अगर सरकार समय रहते उत्तराखंडियों की न्याय देने की भावना समझ जाय तो डबल इंजन सरकार के लिए बेहतर है अन्यथा न्याय देने में जितनी देरी करेगी उतना उत्तराखंडी बेटी के न्याय के लिए तख्ता पलट करने में देरी भी नहीं करेगी |
जंतर मंतर में उत्तराखंड बचाओ आंदोलन द्वारा ये धरना प्रदर्शन सायं 4 बजे तक चला और सभी लोगो के साथ उत्तराखंड सरकार की के साथ सौतेले व्यवहार पर आगे की रुपरेखा बनाने की बात हुई।
