नई दिल्ली : एआरके स्टूडियो व विशाल एजुकेशन ट्रस्ट द्वारा कृष्णा वेलफेयर सोसाइटी के सहयोग से 24 नवंबर को भारतीय विद्यापीठ यूनिवर्सिटी दिल्ली में आयोजित प्रतिष्ठित इंस्पायरिंग इंडिया अवॉर्ड समारोह में उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले के थलीसैंण की मूल निवासी रजनी ढोंडियाल जोशी को उनके द्वारा समाज सेवा के क्षेत्र में अद्वितीय योगदान और प्रभावशाली कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। इस मौके पर लेखिका नीलिमा ठाकुर जी की ‘इंस्पायरिंग इंडियंस’ किताब का भव्य विमोचन किया गया। इस किताब में रजनी ढोंडियाल जोशी और भूपिंदर सिंह रावत के जीवन पर आधारित प्रेरक कहानी को भी शामिल किया गया है। किताब ‘के विमोचन के अवसर पर पूरे भारत से बुद्धिजीवी लोग उपस्थित रहे।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!रजनी एक अनुभवी सामाजिक कार्यकर्ता और परामर्शदाता होने के साथ ही आर्थिक रूप से अशिक्षित बच्चों के शिक्षा और महिला सशक्तिकरण के लिए लगातार कई वर्षों से समाज सेवा के रूप मे अपना योगदान दे रही है। अब तक उन्होंने आर्थिक रूप से असक्षम कई बच्चों का जहां स्कूलों में दाखिला करवाया, वहीं कई निशुल्क स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन कर महिलाओं के बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए अमूल्य योगदान अपना समझ को दिया है।
रजनी जोशी ने पुरस्कार ग्रहण करते हुए इसका श्रेय अपने परिवार और अपनी टीम शिक्षा से शिखर तक को दिया। बताया कि उनकी टीम लगातार बस्तियों में जाकर महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति एक ओर जहां जागरूक करती है, वहीं उत्तराखंड के दूरस्थ गांव में आर्थिक रूप से असक्षम बच्चों की साक्षरता के लिए निरंतर योगदान दे रही हैं। वह जहां लगातार दिल्ली और एनसीआर के कई संस्थाओं के साथ मिलकर सामाजिक कार्यों में निरंतर अपना योगदान दे रही है वहीं उनका ध्येय साक्षर भारत, संपन्न भारत, स्वस्थ भारत है।
रजनी जोशी बताती है कि उनका एकमात्र सपना है कि ऐसे स्कूल का निर्माण किया जाए जहां कोई भी बच्चा फीस के अभाव में शिक्षा ना छोड़े।
उन्होंने भारतीय विद्यापीठ यूनिवर्सिटी दिल्ली मे भव्य और सफल आयोजन मे इस प्रतिष्ठित मंच पर सम्मान हेतु नीलिमा का आभार व्यक्त किया। रजनी ने कहा कि बहुत कम ऐसे मंच हैं जहां पर उपस्थित होकर मैं खुद को गौरवान्वित अनुभव करती हूं। उन्होंने उपस्थित अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आप सभी की कहानी पढ़कर निश्चित रूप से मुझे बहुत कुछ सीखने को मिलेगा और मेरे आगामी लक्ष्यों के लिए आप सभी की इंस्पायरिंग स्टोरी बहुत उपयोगी सिद्ध होंगी।
वहीं पौड़ी के ही भूपिंदर सिंह रावत के जीवन की कहानी को भी इस किताब में जगह मिली हैं। भूपिंदर एक सामाजिक कार्यकर्ता हैं और मलिन बस्ती में रह रहे बच्चों की जरूरतों को पूरा करते हैं। यही नहीं उन्होंने कई टीवी मरीजों को भी गोद लिया हुआ है। उनकी मदद से कुछ टीवी मरीज स्वास्थ्य लाभ भी प्राप्त कर चुके हैं।
भूपिंदर का कहना हैं कि वे नौकरीपेशा व्यक्ति हैं और जितना भी समय उनको मिलता हैं वे मलिन बच्चों के चेहरे पे मुस्कान लाने का हर संभव प्रयास करते हैं। इसके लिए वो अपनी सैलरी का कुछ हिस्सा लगाते हैं। इसके अलावा उनके कुछ मित्र और सामाजिक व्यक्ति उनके इस नेक कार्य में मदद करते हैं।
