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Fake Doctor arrested




देहरादून :
STF ने उत्तराखंड में प्रैक्टिस कर रहे 2 फर्जी BAMS डॉक्टरों को गिरफ्तार कर एक बड़े गिरोह का फंडाफोड़ किया है । STF को आशंका है कि लगभग तीन दर्जन से अधिक BAMS डॉक्टर फर्जी डिग्रियों के आधार पर प्रदेश में पंजीकरण कराकर क्लिनिक चला रहे हैं। 

STF के वरिष्ठ अधीक्षक आयुष अग्रवाल ने बताया कि हमें कुछ महीनों से जानकारी मिल रही थी कि कुछ बीएएमएस डॉक्टर  फर्जी डिग्रियों पर प्रैक्टिस कर रहे हैं। इसके बाद हमने इसके गुप्त रूप से जांच की। जांच में पाया गया कि कई फर्जी डॉक्टर उत्तराखंड में पंजीकरण कराकर क्लिनिक चला रहे थे। हमारे पास इसकी पुख्ता जानकारी थी कि जिस बीएएमएस की डिर्ग्री पर ये डॉक्टर प्रैक्टिस कर रहे हैं वो डिग्री फर्जी है। 




STF द्वारा यह भी बताया गया कि प्राम्भिक जांच में कई आयुर्वेदिक डॉक्टर्स का फर्जीवाड़ा सामने आया जिनमें से करीब तीन दर्जन को चिन्हित कर उनके संबंध में संबंधित चिकित्सा बोर्ड से सूचना मांगी गई तो ज्यादातर की डिग्री राजीव गांधी हेल्थ एंड साइंस युनिवेर्सिटी कर्नाटक की पाई गई जो की पूर्णतया फर्जी बनी हुई है। ये सभी फर्जी डिग्रियां बाबा ग्रुप ऑफ़ कॉलेज मुजफ्फर नगर के मालिक इमरान और इमलाख के द्वारा तैयार कराई गई थी।

पुलिस ने आरोपी इमरान को गिरफ्तार कर लिया जबकि उसका साथी इमलाख फरार होने में कामयाब हो गया। गिरफ्तार आरोपी इमरान ने पुलिस के सामने खुलासा किया कि BAMS की फर्जी डिग्री वे 8 लाख में बनवाते थे। फर्जी डॉक्टर बनाने वाले ये दोनों आरोपी खुद केवल हाई स्कूल पास हैं। पुलिस ने बताया कि आरोपी इमलाख मुज़फ्फर नगर का कुख्यात हिस्ट्रीशीटर है। इनके द्वारा मुज़फ्फर नगर के बरला क्षेत्र में बाबा ग्रुप ऑफ़ कॉलेज के नाम से मेडिकल डिग्री कॉलेज चलाया जा रहा है जिसमें बीफार्मा, बीए, बीएससी आदि के कोर्स संचालित किये जा रहे हैं। पुलिस को शक है कि भारतीय चिकित्सा परिषद् उत्तराखंड के ऑफिस का कोई कर्मचारी इन आरोपियों का मददगार है जिसकी मदद से इतने बड़े पैमाने पर फर्जी डिग्रियों पर पंजीकरण किये गए। 

STF द्वारा गिरफ्तार फर्जी डॉक्टरों के नाम 

BAMS डॉ. प्रीतम सिंह 

BAMS डॉ. मनीष अली 




इनसे प्राप्त बीएएमएस की मूल डिग्री फर्जी पाई गई दोनों की मूल डिग्री को बरामद कर लिया गया है। ये दोनों प्रेम नगर और रायपुर में अपना अपना क्लिनिक चला रहे थे। 

आरोपी इमरान से जब्त सामग्री 

102 ब्लैंक डिग्रियां 

एक जारी डिग्री 

भिन्न-भिन्न कॉलेजों के 48 लिफाफे 

विभिन्न यूनिवर्सिटी के 208 लेटर पैड 

विभिन्न यूनिवर्सिटीज की 8 रबर स्टैम्प 




तीन डॉक्टरों के अटेस्टेड प्रमाण पत्र और

BAMS की एक जारी फर्जी डिग्री  


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