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उत्तराखंड के सुदूरवर्ती क्षेत्रों में उपलब्ध होंगे चिकित्सक
देहरादून: उत्तराखंड के बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने के लिए प्रदेश सरकार ने प्रभावी कदम उठाए हैं। अब प्रदेश के सुदूरवर्ती क्षेत्रों में स्थित स्वास्थ्य केंद्रों और चिकित्सालयों में चिकित्सकों की कमी नहीं रहेगी। सरकार के निर्देश पर महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डॉ. शैलजा भट्ट ने 245 बॉण्डधारी चिकित्सकों की तैनाती के आदेश जारी कर दिए हैं।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक 134 बॉण्डधारी चिकित्सक राजकीय दून मेडिकल कालेज, 102 चिकित्सक राजकीय मेडिकल कालेज हल्द्वानी और नौ चिकित्सक राजकीय मेडिकल कालेज श्रीनगर के हैं।
प्रदेशभर में चिकित्सकों के 177 रिक्त पदों के लिए काफी समय से बॉण्डधारी चिकित्सकों को रखने की मांग उठ रही थी। इन रिक्त पदों के लिए प्रदेश के विभिन्न मेडिकल कालेजों से परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले छात्र भी नियुक्ति मिलने की राह देख रहे थे।
शनिवार को महानिदेशक स्वास्थ्य ने इनकी तैनाती के आदेश जारी किए। इसमें स्पष्ट किया गया है कि यह तैनाती पूर्ण रूप से अस्थायी है और बिना किसी पूर्व सूचना के किसी भी समय समाप्त की जा सकती है। चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डा धन सिंह रावत ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने और प्रत्येक व्यक्ति तक चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार दृढ़ संकल्पित है।
चारधाम यात्रा मार्ग पर चिकित्सा व्यवस्था को सुचारू व दुरुस्त बनाए रखने के लिए इनमें से कुछ को यात्रा मार्ग पर पडऩे वाली चिकित्सा इकाइयों में तैनात किया गया है। सरकार के इस निर्णय से प्रदेशभर के सुदूरवर्ती क्षेत्रों के स्थानीय व्यक्तियों को उचित उपचार मिल सकेगा।
