उत्तराखंड कोली फाउंडेशन द्वारा दिशा ध्यानी/चेली बेट्टी योजना की शुरुआत मिलेगी 25000 तक की सहयोग राशि
नई दिल्ली: उत्तराखंड कोली फाउंडेशन दिशा-ध्याणी/च्वेली बेट्टी योजना के नाम से उत्तराखंड में निर्धन व अनाथ परिवार की 2 बालिकाओं की न्यौता के रूप में आर्थिक मदद करेगा इसके लिए जरूरतमंद को बेटी की शादी से 15 दिन पूर्व न्योता चैक द्वारा दिया जाएगा जिसकी अधिकतम राशि 25000 तक होगी। योजना को धरातल पर लाने की प्रक्रिया योजनाबद्ध तरीके से जोरो पर चल रही है। इस राशि को अदा करने के लिए न्योता शब्द इसलिए रखा गया है क्योंकि फाउंडेशन मानता है कि पूरा उत्तराखंड अपना परिवार है और परिवार में सहयोग, मदद, योगदान, Support या Help जैसे शब्दो का प्रयोग नहीं होता।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!फाउंडेशन के चेयरमैन ओंकार सिंह कोली का कहना है कि इस योजना को उत्तराखंड राज्य बनने से पहले यहां रह रहे मूल निवासियों के लिए रखा गया है। उत्तराखंड राज्य बनने के बाद उत्तराखंड में आकर बसे लोगो को इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा। उनका कहना है कि सरकार के पास अनुदान होने के पश्चात भी ग्राम प्रधान से लेकर विधायक और सांसद इन योजनाओं को धरातल पर नहीं लाते है इसलिए हमें ये महसूस हुआ कि अब हम उत्तराखंडियो को स्वयं मैदान में उतरकर कार्य करने की जरूरत है।
दिशा-ध्याणी या चेली- बेट्टी शब्द को सांकेतिक भाषा में समझाने के लिए एक हफ्ते पहले उत्तराखंड चमोली गढ़वाल से दिशा-ध्याणी योजना के संयोजक एवं फाउंडेशन मण्डल अध्यक्ष प्रदीप सिंह कोली ने कार्यकारिणी के साथ मिलकर सभी उत्तराखंडियो से शादी में फेरे की एक रस्म जिसमे भाई बहन को खील देते फोटो, बैनर, पोस्टर सोशल मीडिया के माध्यम से मंगवाई थी । जिसका अच्छा रिस्पॉन्स देखने को मिला । पूरे उत्तराखंड से फाउंडेशन के पास 36 फोटो भेजी गई जिसमें से केवल 2 ही फोटो शब्द के अनुरूप पाई गई।
सोशल मीडिया पर एक हफ्ते तक चली वोटिंग में चमोली गढ़वाल गौचर की सीमा देवी की फोटो को 76 प्रतिशत के साथ सबसे उपयुक्त पाया गया। उत्तराखंड कोली फाउंडेशन दिशा-ध्याणी की इस रस्म के लिए उत्तराखंडी बंधुओं से से हर 3 माह के अंतराल पर तस्वीरे लेगा और सबसे बेहतर तस्वीर को उत्तराखंड कोली फाउंडेशन के दिशा-ध्याणी योजना में अपने बैनरों, पोस्टरों, स्टैंडी पर स्थान देगा।
