गैरसैंण को स्थाई राजधानी बनाने के लिए पूर्व आईएएस विनोद रतूड़ी जुटा रहे हैं जनसमर्थन 9 नवंबर को कर्णप्रयाग में होगा धरना प्रदर्शन





कर्णप्रयाग :
 
पूर्व आईएएस विनोद रतूड़ी जी के नेतृत्व में स्थाई राजधानी समिति द्वारा गैरसैंण को स्थाई राजधानी बनाने के लिए 9 नवंबर को कर्णप्रयाग में होने वाले धरना प्रदर्शन में लोगों की प्रतिभागिता निश्चित करने के लिए उत्तराखंड में जन जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। समिति की टीम गांव गांव जाकर लोगों से उनके विचार और सुझाव ले रही है। 

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स्थाई राजधानी समिति के मुख्य संयोजक विनोद रतूड़ी ने बताया कि हम गांव गांव जाकर लोगों से मिल रहे हैं। सभी लोगों का मानना है कि उत्तराखंड के लिए दो राजधानी का विकल्प जनता के साथ छलावा है। स्थाई राजधानी गैरसैंण में ही स्थापित होनी चाहिए। रतूड़ी ने कहा कि स्थाई राजधानी गैरसैंण समिति ने अब तक नारायणबगड़, दशोली, कर्णप्रयाग, पोखरी विकासखंड के लगभग 35 गांवों का दौरा किया है। उन्होंने कहा कि पहाड़ की राजधानी मैदान में होना पहाड़ की जनता के साथ सबसे बड़ा अन्याय है। राज्य बनने के 25 साला बाद भी पहाड़ के लोगों को आज भी शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए भी तरसना पड रहा है। 




इसी कड़ी में समिति के सदस्यों ने सोमवार 27 अक्टूबर को पोखरी विकासखंड के रानो और बमोथ गांवों में लोगों से संपर्क कर 9 नवंबर 2025 को कर्णप्रयाग में होने वाले धरना प्रदर्शन में प्रतिभाग करने की अपील की। 

इस दौरान विनोद रतूड़ी जी के साथ समिति के रमेश थपलियाल, मुकेश भंडारी, चंद्र सिंह भंडारी, जितेंद्र  नेगी, लखपत भंडारी, प्रदीप लखेड़ा, विजय सिंह, दीपा बहुगुणा, सुशीला चौहान, काजल भंडारी, महिपाल सिंह, सुरेंद्र कनवासी, गोपी डिमरी, वीरेंदर कठैत, विजय चमोला, टीका प्रसाद, एसएस भंडारी, प्रणवेन्द्र प्रसाद, सुधीर डिमरी, सौरभ आदि मौजूद रहे। 




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