उत्तराखंड संगीत जगत के उभरते सितारे गुंजन डंगवाल का सड़क दुर्घटना में निधन
देहरादून : शनिवार की सुबह उत्तराखंड संगीत जगत के लिए बहुत ही दुखद और ग़मगीन करने वाली रही। उनके उभरते सितारे युवा गायक और संगीत निर्देशक गुंजन डंगवाल का आज प्रातः कार दुर्घटना में निधन का दुखद समाचार मिला। उनके इस तरह असमय निधन से उत्तराखंड सहित देश-विदेश में उनके प्रशंसक स्तब्ध है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!प्राप्त सूचना के मुताबिक गुंजन डंगवाल कल रात देहरादून से चंडीगढ़ अपने किसी मित्र से मिलने के लिए निकले थे किंतु आज सुबह चार और पांच बजे के बीच उनकी कार चंडीगढ़ से कुछ किलोमीटर पहले पंचकुला में भयानक दुर्घटना ग्रस्त हो गई । इस हादसे में उनका मौके पर निधन हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही गुंजन के माता पिता और रिश्तेदार सहित अनेक प्रशंसक चंडीगढ़ पहुँच गए। उनके निधन की खबर से गढ़वाल और कुमाऊं सहित पूरे उत्तराखंड में शोक की लहर व्याप्त है। उनके शव को आज शाम देहरादून उनके घर लाया जायेगा।
उनके निधन पर उत्तराखंड संगीत से जुडी तमाम महान हस्तियों और कलाकारों ने उन्हें सोशल मीडिया के जरिये और उनके माता पिता को फ़ोन कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
गुंजन ने अपनी मेहनत और लगन से बहुत ही कम वक्त में उत्तराखंड संगीत जगत में अपना मुकाम बना लिया था। इस वक्त उन्हें एक बेहतरीन म्यूजिक डायरेक्टर के रूप में पहचान मिल चुकी थी। उनका जाना उत्तराखंड संगीत जगत के लिए अपूरणीय क्षति है।
पहाड़ी अ कपेला, नंदू मामा की स्याली, उडांदु भौंरा जैसे शानदार गीतों से उनको एक नई पहचान मिली। हाल ही में उन्होंने अपने फेस बुक पेज के माध्यम से अपने प्रशंसकों को बताया था कि वे पहाड़ी अ कपेला-3 की तैयारी कर रहे हैं। चैता की चेतवाली में उनके संगीत को लोगों ने खूब सराहा और इस गीत को अंतर्राष्टीय पहचान भी मिली।
गुंजन डंगवाल की प्रारंभिक शिक्षा टेहरी में हुई उसके बाद इंटरमीडिएट दिल्ली के मॉर्डन स्कूल से पास करने के बाद उन्होंने घुडदौड़ी पौड़ी से इलेक्ट्रिकल से बीटेक किया और साथ ही संगीत विषारद की डिग्री भी हासिल की थी।
