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केदारनाथ मंदिर के पास बर्फ का पहाड़ खिसका लोगों को याद आया 2013 का मंजर

कर्णप्रयाग : उत्तराखंड के केदारनाथ में फिर से कोई अनहोनी होने के संकेत मिल रहे हैं। यहां मंदिर के पास एक बर्फ के पहाड़ के खिसकने की घटना सामने आ रही है। हालांकि इससे केदारनाथ मंदिर को कोई नुकसान नहीं हुआ है।  इस घटना के बाद लोगों के ज़हन में सन 2013 में दिल दहला देने वाली घटना का मंजर घूमने लगा और वो किसी बड़ी अनहोनी के भय से ही सहमे से हैं। 




केदारनाथ घाटी में लगातार बारिश का सिलसिला जारी है जिसके चलते वहां जगह जगह भूस्खलन हो रहा है। आज सुबह केदारनाथ मंदिर के पास हिमस्खलन का एक वीडियो सामने आया है जिसमें देखा जा सकता है कि बर्फ का एक पहाड़ देखते ही देखते कुछ ही सेकंड में भरभरा कर ढह गया। इससे दूर दूर तक धुएं का गुब्बार सा बन गया 
 गनीमत ये है कि बाबा की कृपा से इसमें कोई हताहत नहीं हुआ। 

श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने भी हिमस्खलन होने की पुष्टि की है और कहा कि इस घटना से केदारनाथ मंदिर को कोई नुकसान नहीं हुआ है। बाबा के सभी भभक्त धैर्य और सावधानी रखें। 

बता दें कि केदारघाटी में पिछले कई दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण  21 सितंबर को भी केदारनाथ हाइवे पर भूस्खलन हुआ था। बारिश के कारण जगह जगह हो रहे भूस्खलन से सड़कों के टूट जाने और उनमें मालवा आ जाने से चारधाम यात्रिओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बुधवार शाम को भी फाटा के निकट केदारनाथ हाईवे पर भयंकर भूस्खलन हुआ था जिससे पहाड़ी से कई टन मालवा और बोल्डर गिरने लगे। गनीमत ये रही कि पहाड़ी से गिरते मलवे को वहां से गुजर रहे वाहन चालकों ने समय पर देख लिया और उन्होंने अपने वाहन पहले ही रोक दिए नहीं तो कोई बड़ा हादसा हो सकता था। बताया जा रहा है कि केवल एक यात्री बस को आंशिक नुकसान पहुंचा है।  




ऋषिकेश से आगे बढ़ने पर ही बारिश के कारण बद्रीनाथ-केदारनाथ यात्रा मार्ग पर जगह-जगह भूस्खलन होने से मार्ग अवरुद्ध हो रहा है जिससे यात्रियों और स्थानीय लोगों को घंटो जाम में फंसे रहने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।