दिल्ली : हर वर्ष की भांति इस बार भी दिल्ली के न्यू अशोकनगर में मकर संक्रांति के शुभ अवसर पर उत्तराखंड का पारंपरिक लोक महापर्व उतरैणी मकरैणी धूमधाम से मनाया गया। श्री गुरु माणिक नाथ सर्वजन कल्याण समिति की ओर से 14 जनवरी को कालीबाड़ी मंदिर में आयोजित इस समारोह में उत्तराखंड के मूल निवासियों को अपनी धार्मिक, सांस्कृतिक, सामाजिक पहचान से रूबरू होने का अवसर मिला। इस मौके पर उत्तराखंड के मशहूर गायकों, कलाकारों की प्रस्तुतियों के अलावा बच्चों और युवाओं ने पहाड़ों के लोकगीत, संगीत, नृत्य, नाटक आदि प्रस्तुत किए।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!समिति के अध्यक्ष राजेन्द्र सिंह भंडारी ने बताया कि दिल्ली में उनका संगठन पिछले 10 वर्षों से इस महापर्व का आयोजन कर रहा है। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड में उतरैणी-मकरैणी का बहुत महत्व है और पर्वतीय समाज अपने इस लोकपर्व को बड़ी धूमधाम से मनाता है। दिल्ली में इस त्योहार को मनाने का मकसद यहां रहने वाले उत्तराखंड के मूल निवासियों को अपनी सभ्यता, परंपरा, रीति-रिवाज और त्योहारों से जोड़ना है, ताकि उनकी आने वाली पीढ़ियां अपनी परंपराओं और रीति-रिवाज को भूले नहीं।
समिति के महासचिव महावीर सिंह पंवार और और कोषाध्यक्ष विजयराम भट्ट ने बताया कि आयोजन में उत्तराखंड एकता मंच, उत्तराखंड जनजागृति मंच, कुमांऊ जन मंडल और उत्तराखंड भातृमंडल ने भी भागीदारी की। समिति के प्रमुख सदस्य बालम सिंह विष्ट, हरीश असवाल, पुरूषोतम चमोली, ममराज सिंह रावत, मंगल सिंह नेगी, दिगपाल कैन्चुरा, पूरण सिंह नेगी, विजयपाल सिंह भंडारी, हनुमन्त सिंह विष्ट, रमेश पंवार और मातवर सिंह रावत ने आयोजन को सफल बनाने में योगदान दिया।
