गैरसैंण


पूर्व विधायक महेंद्र भट्ट ने गैरसैंण को जिला बनाए जाने का दिया सुझाव  




कर्णप्रयाग
: उत्तराखंड सरकार ने गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी तो बना दिया है लेकिन जब भी विधानसभा सत्र यहां आरंभ करना होता है तो कोई न कोई बहाना बना दिया जाता है कारण यहां अभी बुनियादी सुविधाओं का काफी आभाव है। वैसे भी गर्मियों में चमोली जिले में चार धाम यात्रा आरंभ हो जाती है जिसके कारण  व्यवस्थाएं चरमरा जाती है।  इसी बात को संज्ञान में लेते हुए बदरीनाथ विधानसभा के पूर्व विधायक महेंद्र भट्ट ने माननीय मुख्यमंत्री को गैरसैंण को जिला बनाए जाने के बावत एक पत्र लिखा है। 

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मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में पूर्व विधायक ने कहा कि इस बार ग्रीष्मकालीन सत्र गैरसैण में आहूत हुआ था किन्तु चारधाम यात्रा में बढ़ती भीड़ को देखते हुए बजट सत्र देहरादून में  कराना पड़ा। मैं मानता हूँ कि व्यवस्थाएं बनाना सरकार की प्रार्थमिकता रहना स्वाभाविक है। महोदय इस विषय पर मेरा सुझाव है कि ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में राजधानी जैसी सुविधाएं मुहैया कराने के लिए इसे जिला बनाना नितांत आवश्यक है।  इससे न केवल क्षेत्र का विकास होगा अपितु गैरसैंण में विधानसभा सत्र संबंधित व्यवस्थाओं को बनाने में भी सुविधा होगी। 




उन्होंने ने यह भी कहा कि हमारे देश की कोई भी राजधानी जिला इकाई के नहीं है अतः जिला स्थापित होने से विधानसभा सत्र सहित क्षेत्र के विकास कार्यों में गति आएगी। उन्होंने कहा कि जल्द ही जनता को माननीय मुख्यमंत्री की तरफ से इस विषय पर सकारात्मक कार्यवाही देखने को मिल सकती है। 

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