पेपर लीक मामले में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सीबीआई जांच की दी संस्तुति आंदोलनरत युवाओं पर लगे मुकदमे होंगे वापिस


देहरादून : सीएम पुष्कर सिंह धामी ने आज अचानक देहरादून के परेड ग्राउंड में आंदोलन कर रहे युवाओं के बीच पहुंचकर पेपर लीक प्रकरण की सीबीआई जांच कराने की संस्तुति दी। 

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गौरतलब हो कि 21 सितंबर की उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग स्नातक स्तरीय भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले के बाद से ही बेरोजगार संगठन के नेतृत्व में युवा देहरादून के परेड ग्राउंड में धरना-प्रदर्शन कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने यहां युवाओं का पक्ष सुनने के बाद कहा कि आपकी जो मांग है उसके साथ में भी हूं इसीलिए यहां आपके बीच आया हूं। उन्होंने कहा आप इस त्योहारी सीजन में इतनी गर्मी के बीच आंदोलन कर रहे हैं, इससे खुद उन्हें भी अच्छा नहीं लग रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का एक ही संकल्प है कि परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए। विगत चार साल में सरकार ने इसी संकल्प के अनुसार काम किया है। 

मुख्यमंत्री ने युवाओं से भावुक अपील करते हुए कहा कि वो जानते हैं कि उत्तराखण्ड के युवा और छात्र पढ़ाई के बाद सरकारी नौकरी के लिए तैयारी करते हैं। इसी आधार पर उनके पास जीवन के लिए खूबसूरत सपने होते हैं। मैने खुद ऐसी परिस्थितियों को देखा है, छात्रों और युवाओं के बीच काम करते हुए, इसका अनुभव लिया है।  

मामले में होगी सीबीआई जांच

मुख्यमंत्री ने कहा कि विगत दिनों सामने आए प्रकरण की जांच हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज की निगरानी में एसआईटी द्वारा की जा रही है। कमेटी ने काम भी शुरु किया है, लेकिन फिर भी युवा सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं, इस कारण सरकार इस मामले में सीबीआई जांच की संस्तुति करेगी। इसमें कोई रुकावट नहीं आएगी। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि वो चाहते तो ये बातचीत कार्यालय में भी हो सकती थी, लेकिन युवाओं के कष्ट को देखते हुए, उन्होंने खुद धरना स्थल पर आने का निर्णय लिया, वो पूरी तरह युवाओं के साथ हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने पिछले चार साल में पारदर्शी तरीके से 25 हजार से अधिक सरकारी भर्तियां की है, जिनमें कहीं कोई शिकायत नहीं आई है।

उन्होंने कहा कि सिर्फ एक प्रकरण में यह शिकायत आई है, इसलिए युवाओं के मन से हर तरह की शंका को मिटाने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विगत सप्ताह भी जब युवा उनसे मिले थे तो उन्होंने तब ही स्पष्ट कर दिया था कि सरकार चाहती है कि युवाओं के मन में कोई अविश्वास, संदेह या शंका न रहे। इसलिए वो बिना किसी को बताए सीधे यहां परेड ग्राउंड में चले आए।

आंदोलनरत युवाओं पर हुए मुकदमे होंगे वापिस

मुख्यमंत्री ने कहा कि आंदोलन के दौरान यदि युवाओं पर कहीं कोई मुकदमें दर्ज हुए हैं, तो उन्हें वापस लिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि अमृतकाल के विकसित भारत में उत्तराखण्ड देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बने, इसमें युवाओं की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

बेरोजगार संगठन ने की मुख्यमंत्री की तारीफ

मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर युवाओं ने फिर अपनी मांगे दोहराई। मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया कि वो उनके साथ हैं और नकल प्रकरण पर सरकार द्वारा नकेल कसी जा रही है। इस दौरान बेरोजगार संगठन के नेताओं ने उनकी बात पर विश्वास जताया और तालियों से उनका समर्थन किया। युवाओं ने मुख्यमंत्री से उसी समय सीबीआई जांच के पत्र पर हस्ताक्षर करने को कहा जिसे उन्होंने सहस्त्र स्वीकार किया।  संगठन के युवाओं ने कहा कि उत्तराखंड की इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है, इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार जताया।