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नई दिल्ली: दिल्ली स्थित बहुसंख्यक उत्तराखंडी प्रवासी संगठनों ने रविवार 11 जनवरी को आहूत उत्तराखंड बंद को संपूर्ण समर्थन का ऐलान किया है।
इन संगठनों के शीर्ष प्रतिनिधियों की आज हुई एक बैठक मे यह भी संकल्प लिया गया कि अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर चल रहे देशव्यापी आंदोलन को इसके तार्किक अंजाम तक पहुंचाया जाएगा ताकि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा सुनिश्चित की जा सके।
सभा में बहस हेतु आए मुद्दों की जानकारी देते हुए वरिष्ठ प्रवासी नेताओं हरिपाल रावत और धीरेन्द्र प्रताप ने बताया कि इस दिशा में एक समयबद्ध कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी उत्तराखंड बंद के अवसर पर दी जाएगी।
इससे पहले बैठक में शामिल प्रवासी संगठनों के नुमाइंदों ने बंद के दिन राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, राष्ट्रीय महिला आयोग और उत्तराखंड से चुने सभी सांसदों को ज्ञापन के माध्यम से मामले को गंभीरता से लेने की चेतावनी दी जाएगी।
रावत ने यह भी बताया कि अगर निर्वाचित प्रतिनिधि समय रहते अंकिता भंडारी प्रकरण में सकारात्मक और त्वरित भूमिका नहीं निभाते तो उनको उनके निर्वाचन क्षेत्रों में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा।
इस प्रकरण को लेकर विभिन्न हिस्सों में चल रहे आंदोलनों के बीच सामंजस्य और समन्वय स्थापित करके इसको और अधिक गति देने के लिए भावी कार्यक्रमों की घोषणा उत्तराखंड बंद अवसर पर आयोजित किए जाने वाले एक संवाददाता सम्मेलन में उजागर किया जाएगा।
इस बैठक में भाग लेने वाले प्रतिनिधियों में शामिल थे हरिपाल रावत, धीरेन्द्र प्रताप, अनिल पंत, जगत सिंह बिष्ट, मनोज आर्य, जगदीश कुकरेती, जगत सिंह बिष्ट बुराड़ी और हरि सिंह राणा आदि।
