गुजरात उत्तराखंड महोत्सव




AKHIL GUJRAT UTTARAKHAND MAHOTSAV :
उत्तराखण्ड सांस्कृतिक संगम समिति द्वारा अखिल गुजरात उतराखण्ड महोत्सव का बड़ी धूमधाम से आयोजन 17 दिसम्बर 2022 को संपन्न हुआ। महोत्सव के मुख्य अतिथि ओएनजीसी के समूह महाप्रबंधक श्री प्रियरंजन मिश्रा, अतिथि विशेष एसकेपी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक श्री सुरेश पाण्डेय, यूनिटेक जेटिंग के जनरल मैनेजर श्री नारायण सिंह धामी, द्वीस्ट इंजीनियरिंग के प्रोपराइटर श्री राजबीर सिंह रावत, केबी इंजीनियरिंग के प्रोपराइटर श्री केदार सिंह रावत तथा उतराखण्डी भाषा प्रसार समिति के अध्यक्ष डॉ बिहारीलाल जलन्धरी उपस्थित हुए। समिति द्वारा अतिथियों का पुष्प गुच्छ और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। 

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इस अवसर पर श्री मिश्रा ने कहा कि उत्तराखंड के लोग शरीफ़ और ईमानदार होते हैं जो अपनी लगन मेहनत से मुकाम हासिल करते हैं। उन्होंने कहा मैं उत्तराखंड समाज के लोगों का धन्यवाद करता हूं। डॉ जलन्धरी ने कहा कि हमने उत्तराखंड से पलायन अवश्य किया है लेकिन हमें अपनी भाषा व संस्कृति को बढ़ावा देना होगा। उन्होंने कहा कि अलग उत्तराखंड प्रदेश बनने के बाद भी आज हमारा समाज गढ़वाली कुमाऊनी में बंटा है। हम उतराखण्डी हैं और जिस तरह गढ़वाल कुमाऊं मंडल को मिला कर उतराखण्ड बना उसी तरह हमें इन दोनों के समान शब्दों को समेकीकृत कर कक्षा एक से दसवीं तक विषय तैयार किए जा सकते हैं। उन्होंने उत्तराखण्डी भाषा में पहला प्रारूप पाठ्यक्रम मौळ्यार के संबंध में जानकारी दी तथा इसकी कुछ प्रतियां समिति को पठन पाठन कराने के लिए दी। उन्होंने कहा कि सरकार को इस दिशा में काम कर भाषा के रूप में उत्तराखंड मूल के लोगों को आरक्षण देना चाहिए।




सुरेश पाण्डेय ने डा जलन्धरी की बात का समर्थन करते कहा कि हम सब उतराखण्डी हैं और हमें उतराखण्डी होने पर गर्व होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिस तरह गुजराती पढ़ने वाले को सरकारी नौकरियों में आरक्षण दिया जाता है उसी तरह उतराखण्ड में भी आरक्षण मिले, इस पर काम करना चाहिए।

समिति के अध्यक्ष  दिलीप सिंह रावत ने समिति के कार्यक्रमों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने समिति की ओर से एक समर्थन पत्र डा बिहारीलाल जलन्धरी को दिया। 

संगम सांस्कृतिक समिति देहरादून द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम ने महोत्सव में उपस्थित जनसमूह को आनंद विभोर कर दिया।




संगम के मुख्य पदाधिकारियों में सर्वश्री राजेश उपाध्याय, यशपाल सिंह रावत, भारत राजपूत, यशवंत रावत, जगरुति काला, चंदन रावत, सीएस रावत, पीएस रावत, एएस बिष्ट, एचएस अधिकारी, एएस नेगी, ललित जोशी, भूपाल सिंह बिष्ट, एनएस राजपूत के साथ कई कमेटियों के पदाधिकारी तथा हजारों की संख्या में लोगों ने भाग लिया।