मकर संक्रांति पर श्रद्धालु गंगा में नहीं लगा पाएंगे डुबकी-हरिद्वार 

प्रशासन ने स्नान पर लगाई पावंदी 

हरिद्वार: उत्तराखंड में लगातार बढ़ रहे कोरोना मरीजों की संख्या ने सबको चौंका दिया है।  पिछले तीन दिन से प्रतिदिन 1-1 हजार से ज्यादा लोग कोरोना पॉजिटिव मिल रहे हैं। कोरोना के मामलों में अचानक आई इस वृद्धि से उत्तराखंड में अब धार्मिक आयोजनों पर भी इसका असर दिख रहा है। जिसे देखते हुए प्रशासन हरकत में आ गया है। उत्तरायणी और मकर सक्रांति पर हरिद्वार में गंगा स्नान पर लाखों लोग स्नान के लिए आते है ऐसे में भीड़ से कोरोना के और बढ़ने के आसार हैं जिसे देखते हुए प्रशासन ने संक्रांति स्नान रद्द करने का कठोर फैसला लिया है। 

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यदि आप 14 जनवरी से 16 जनवरी तक हरिद्वार जाने की सोच रहे हैं तो सावधान हो जाएं । हरिद्वार जिला प्रशासन ने हर की पौड़ी पर होने वाले मकर संक्रांति स्नान  पर पूरी तरह रोक लगा दी है। हर‍िद्वार के डीएम विनय शंकर पांडेय ने लिखित आदेश जारी कर मकर सक्रांति स्नान रद्द करने का ऐलान क‍िया। जिलाधिकारी ने लिखित आदेश जारी कर बताया क‍ि कोरोना के बढ़ते खतरे को देखते हुए 16 जनवरी तक सभी सार्वजनिक गतिविधियां प्रतिबंधित हैं। इसके मद्देनजर मकर सक्रांति का स्नान भी प्रतिबंधित किया गया है। 14 से 16 जनवरी के बीच बाहरी राज्यों से आने वाले यात्रियों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। हरकी पौड़ी क्षेत्र में श्रद्धालु और स्थानीय लोगों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। जिलाधिकारी ने चेतावनी देते हुए कहा क‍ि अगर कोई भी व्यक्ति इन आदेशों का उलंघन करता है तो उसके खिलाफ महामारी अधिनियम 1897 के तहत कानूनी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।