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मूल निवास और भूकानून




नई दिल्ली : मंगलवार  26 दिसंबर को भू कानून संघर्ष समिति के आह्वान पर मूल निवास और भूकानून मुद्दे को लेकर दिल्ली एनसीआर में रहने वाले प्रवासी उत्तराखंडी सामाजिक कार्यकर्ताओं की एक बैठक पंचकुइया रोड़ स्थित गढ़वाल भवन में आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता गढ़वाल हितैषणी सभा के वर्तमान अध्यक्ष श्री अजय सिंह बिष्ट जी ने की। बैठक में असंख्य समाज सेवी उपस्थित रहे। 

बैठक में मूल निवास और भुकानून को लागू करवाने के लिए आंदोलन को जनांदोलन का रूप देने पर गहन चर्चा  के बाद यह निर्णय लिया गया कि फरवरी माह में दिल्ली में भी देहरादून की तर्ज पर प्रचंड प्रदर्शन किया जाए इसके लिए समितियों का गठन भी किया गया।  

बैठक में सर्वसम्मति से लिए गए निर्णय 




1. उत्तराखंड में मूल निवास और भू कानून को सख्ती से लागू करने के लिए जारी जनांदोलन को सभी उपस्थित साथियों ने एक स्वर में अपना पूर्ण समर्थन दिया।

2. दिल्ली में भी आंदोलन को तेज धार देने के लिए उत्तराखंड की तर्ज पर उत्तराखंड मूल निवास – भू कानून संयुक्त संघर्ष समिति का गठन किया जाएगा। ये समिति दिल्ली एनसीआर में कार्यरत सैंकड़ों संस्थाओं, सामाजिक, राजनीतिक कार्यकर्ताओं, बुद्धिजीवियों, व्यवसाइयों इत्यादि को साथ लेकर शीघ्र ही दिल्ली में एक बड़ा जनांदोलन खड़ा करेगी।

3. आंदोलन को सही दिशा व दशा प्रदान करने के लिए चारु तिवारी जी के नेतृत्व में एक दृष्टि पत्र कमेटी का गठन किया गया। जिसके सदस्य हरिपाल रावत जी , खुशाल सिंह जीना जी दिग्मोहन सिंह नेगी जी हैं।

4. आगे की गतिविधियों को सुचारू रूप से संचालित करने और दिल्ली एनसीआर की विभिन्न संस्थाओं को, सामाजिक कार्यकर्ताओं, बुद्धिजीवियों इत्यादि को इस मुहिम से जोड़ने के लिए एक समन्वय समिति का गठन किया गया है। जिसके सदस्य दिग्मोहन सिंह नेगी जी, अनिल पंत जी, सुरेंद्र सिंह हालसी जी, शशि मोहन कोटनाला जी, आजाद सिंह नेगी जी, संजय चौहान जी, मनोज आर्य जी हैं।

5. दृष्टि पत्र कमेटी अगले 5 दिनों में मूल निवास भू कानून पर एक दस्तावेज़, समिति की सभी सदस्यों के समक्ष पेश करेगी। इस दस्तावेज़ के आधार पर समझदारी विकसित करके शीघ्र ही भू कानून पर पर्चे छपवा कर दिल्ली एनसीआर की विभिन्न कॉलोनियों में छोटी बड़ी बैठकें की जायेंगी। और इन पर्चों को घर घर जाकर लोगों को इस संवेदनशील मुद्दे पर जागरूक किया जायेगा।

6. फरवरी माह में मूल निवास भू कानून के मुद्दे पर जंतर मंतर , दिल्ली में l एक प्रचंड प्रदर्शन किया जाएगा। जिसमें हजारों लोगों की सहभागिता सुनिश्चित की जायेगी।