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राज्य आंदोलनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर उत्तराखंड सदन दिल्ली में सीएम धामी से की मुलाकात
नई दिल्ली: कल शनिवार को दिल्ली पहुंचे उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से दिल्ली एनसीआर में रहने वाले उत्तराखंडी राज्य आंदोलनकारियों ने मुलाकात की। इस अवसर पर उन्होंने राज्य आंदोलनकारियों की समस्यायें रखी और उनसे 2008 का जीओ लागू करने की बात कही। क्योंकि इसी जीओ के आधार पर उस समय राज्य आंदोलनकारियों को चिन्हित किया गया था। सीएम से मिलने वाले मुख्य आंदोलनकारियों में मनमोहन सिंह, प्रताप शाही, अनिल पंत, बिहारीलाल जालंधरी,मोहन चंद जोशी और देवेंद्र आदि ने अपनी तमाम समस्याओं से उन्हें अवगत कराया।
सीएम धामी ने राज्यआन्दोलनकारियों की सभी समस्याओं को गम्भीरतापूर्वक सुना और उन्हें आश्वासन दिया कि वे जल्दी ही इस पर उचित निर्णय लेंगे। उन्होंने कहा कि आप लोगों के संघर्षों से ही हमें आज राज्य प्राप्ति हुई है इसलिए प्रदेश को आप पर गर्व है।
राज्य आंदोलनकारी अनिल ने बताया कि वर्ष 2008 में जिन चार बिंदुओं से जीओ निकाल कर चिन्हीकरण हुआ था उसी के आधार पर हम लोगों ने तत्कालीन हरीश रावत सरकार से 3 जनवरी 2017 को उसे लागू करवाया था जिसमें दिल्ली के 317 लोगों का चिन्हीकरण किया गया था। इस समय चिन्हीकरण की जो नीति है उसमें केवल जेल जाने व घायलों की पुष्टि को ही आधार माना गया है जबकि तमाम ऐसे आंदोलनकारी भी है जो न तो कभी जेल गए और न ही घायल हुए। इसलिए हमारी मांग है कि पिछले जीओ के आधार पर बाकि राज्य आन्दोलनकारीओं को चिन्हित किया जाय। आज इसी विषय में हमने सीएम धामी से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन दिया और आग्रह किया कि 2008 की जीओ के आधार पर उत्तराखंड के सभी 13 जिलों में छूटे हुए राज्य आंदोलनकारियों को चिन्हित किया जाए।
