Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!
Three people have been arrested for trying to set fire to forests : रुद्रप्रयाग जिले में शुक्रवार को जंगलों में आग लगाने की कोशिश करते हुए 3 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें से एक जखोली क्षेत्र के तड़ियाल गांव का और दो डंगवाल गांव के हैं जिन्हें आग लगाते रंगे हाथों पकड़ा गया है। तीनों आरोपियों को जांच के बाद जेल भेज दिया गया है।
बता दें कि प्रदेश के विभिन्न भागों में पिछले 24 घंटों में जंगल में आग लगने की 31 नई घटनाएं सामने आईं। इस भीषण आग से अभी तक राज्य में 33.34 हेक्टेयर वन भूमि नष्ट हो गई है। इसको देखते हुए वन विभाग न भी अब सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।
उत्तराखंड के जंगलों में भीषण आग से बहुमूल्य वन संपदा खाक होने के साथ ही जीव जंतु भी अपनी जान गंवा रहे हैं। साथ ही प्रदुषण के वजह से आम जन जीवन भी प्रभावित हो रहा है। ये सब देखने के बाद भी कुछ असामाजिक लोग अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं। रुद्रप्रयाग में वन विभाग की टीम ने ऐसे ही तीन लोगों को जंगल में आग लगाते हुए रंगे हाथों पकड़ा है, जिन्हें अब जेल भेज दिया गया है।
जानकारी के मुताबिक रुद्रप्रयाग प्रभागीय वनाधिकारी के नेतृत्व में गठित वनाग्नि सुरक्षा दल ने जखोली के तडियाल गांव के नरेश भट्ट पुत्र मोलाराम भट्ट को गांव के पास जंगल में आग लगाते हुए रंगे हाथों दबोचा है। आरोपी नरेश का कहना था कि बकरियों के चारे के लिए नई घास उगे, इसलिए उसने जंगल में आग लगाई। दक्षिणी जखोली वन क्षेत्राधिकारी ने आरोपी को हिरासत में लेकर उसके खिलाफ भारतीय वन अधिनियम 1927 के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेजा।
वहीं उत्तरी जखोली के डंगवाल गांव में हेमंत सिंह पुत्र उदय सिंह और भगवती लाल पुत्र चंदरू लाल को जंगल में आग लगाते हुए मौके पर पकड़कर जेल भेजा गया है। रुद्रप्रयाग प्रभागीय वनाधिकारी अभिमन्यु ने बताया कि जंगल में आग लगाने वालों के खिलाफ वन अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। आरोपियों को पकड़ने के लिए प्रभाग स्टार पर वनाग्नि सुरक्षा दल गठित किये गए हैं।
