सड़क निर्माण न होने से आक्रोशित है गांव बनगढ़ के ग्रामीण बीमार 

को ले जाना पड़ता है कंधों पे उठाकर 

पौड़ी: रिखणीखाल प्रखंड के सुदूरवर्ती गांव बनगढ़ के ग्रामवासियों को प्रशासन की अनदेखी के चलते एक बीमार महिला को लगभग तीन किलोमीटर चल कर बेहद ही पीड़ादायक स्थिति में मुख्य सड़क तक कंधे पे उठाकर लाना पड़ा।  

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हाल ही में बारिश से बेहाल रास्ते पर एक बृद्ध बीमार महिला को कंधों पर उठाकर ले जाते समय लोगों के कंधे टूटने लगे और वे बुरी तरह थकने लगे जिससे वे जगह जगह विश्राम करने को मजबूर थे जिससे बीमार महिला को भी काफी तकलीफ झेलनी पड़ी। जो प्रदेश सन 2025 तक नंबर वन बनने की दिशा में हो उस प्रदेश में इस तरह की घटना विचलित करती है। 




बताया जा रहा है कि ग्राम बनगढ़ को उत्तराखंड राज्य बन जाने के बाद आज तक सड़क का इंतज़ार है। गांव सड़क मार्ग से न जुड़ने के कारण ग्रामीणों को विशेष परिस्थितियों में बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ता है यहाँ तक कि बीमार व्यक्ति को अस्पताल तक पहुँचाने के लिए लगभग दो-तीन किलोमीटर पैदल चलकर मुख्य मार्ग तक पहुंचना पड़ता है। कई बार तो बीमार व्यक्ति की मुख्य सड़क मार्ग तक पहुँचते पहुंचते ही हालत काफी बिगड़ जाती है और कुछ इस जिंदगी से ही रुक्सत हो जाते हैं। 




इस घटना के बाद ग्राम बनगढ़ के ग्रामीण काफी आक्रोशित है।  उनका कहना है कि हमारी यह वर्षों पुरानी मांग है आखिर कब तक हम धैर्य बना कर रख सकते हैं। हालांकि कुछ ग्रामीणों का कहना था कि सड़क बनने की वजह जनप्रतिनिधि, प्रसाशन व विभागों की कमी नहीं बल्कि हमारे बीच का कोई व्यक्ति है।  उनके मुताबिक जब भी गांव में सड़क निर्माण कार्य की दिशा में कोई कार्यवाही होनी शुरू होती है वो अलग अलग नामों से इस पर अपनी आपत्ति दर्ज कर देता है। इसलिए हमारी प्रसाशन से विनती है कि वो हमारी तकलीफों को नज़र अंदाज़ न करे और सरकारी काम में बाधा डालने वाले इस प्रकार के व्यक्ति पर कोई ठोस कार्यवाही करे ताकि इलाज के लिए मजबूर व्यक्ति रास्ते में दम न तोड़े।