नई दिल्ली : साउथ दिल्ली की आरपीएस कॉलोनी, खानपुर निवासी लेखिका और समाजसेविका निर्मला नेगी साइबर ठगों का शिकार हो गई। खानपुर मार्किट में खरीदारी करते समय उनका मोबाइल चोरी हो गया। जिसके बाद तीन दिनों के अंदर ही चोर ने उनके यूपीआई का इस्तेमाल कर उनके बैंक खाते से 3 लाख रूपये निकाल लिए। पीड़िता ने इसकी सूचना पुलिस को दी लेकिन 15 दिन गुजर जाने के बाद भी पुलिस और बैंक की तरफ से कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई है और वे केवल उनके चक्कर ही लगवा रहे हैं। यहाँ तक की इस मामले में अभी तक FIR भी दर्ज नहीं हुई है।
जानकारी के अनुसार 54 वर्षीय लेखिका व समाजसेविका निर्मला नेगी का 17 दिसंबर की शाम 5 बजे खानपुर सब्जी मंडी में सब्जी खरीदते समय मोबाइल फोन चोरी हो गया। इसके बाद उन्होंने पास से गुजर रही पीसीआर वेन को घटना की जानकारी दी। उन्होंने उन्हें नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज करने की हिदायत दी। निर्मला जी ने उनकी सलाह पर अपने साथ हुई इस घटना की शिकायत अंबेडकर नगर थाने में की और उन्होंने अपना सिम कार्ड भी बंद करवा दिया। 19 दिसंबर को उनका नया सिम एक्टिव हुआ और उसी रात उन्हें पता चला कि उनके बैंक खाते से 50,000 रूपये रूपये निकल गए हैं। जब उन्होंने इस बावत बैंक से जानकारी ली तो पता चला की 17, 18 और 19 दिसंबर के बीच उनके पेटीएम यूपीआई के द्वारा उनके खाते से 3 लाख रूपये निकल लिए गए हैं। उन्होंने तुरंत हेल्पलाइन 1930 पर अपनी शिकायत दर्ज की। और 20 दिसंबर को उन्होंने बैंक और साइबर थाने में भी शिकायत दर्ज कराई।
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अपने साथ हुई इस घटना से निर्मला नेगी बुरी तरह परेशान हैं वह साइबर अपराध विभाग से लेकर पुलिस स्टेशन और संबंधित बैंक तक दर-दर भटक रही हैं लेकिन उनके लाख प्रयासों के बाद भी उन्हें न्याय नहीं मिल सका। सम्बंधित विभाग अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ रहे हैं। पीड़ित महिला जो एक लेखिका और कवयित्री हैं के बार-बार अनुरोध के बावजूद जब उन्हें कोई रास्ता नहीं दिखा तो उन्होंने नवभारत टाइम्स महानगरीय समाचार विभाग से संपर्क किया और अपने साथ हुई ठगी के विषय में बताया। नव भारत टाइम्स ने उनके दर्द को जाना और उनके साथ हुई घटना को प्रकाशित कर संबंधित अधिकारियों से इस बावत जल्द कार्यवाही करने के लिए अनुरोध भी किया।
