स्व० एच०एस० खत्री स्मृति महिला रस्साकशी प्रतियोगिता में गहड़

की टीम विजयी

पौड़ी: स्व० एच०एस० खत्री स्मृति रस्साकशी प्रतियोगिता/जलेबी मेला महिला वर्ग प्रत्तियोगिता में गहड़ की टीम ने कड़े संघर्ष में देवलगढ़ को पराजित कर प्रथम स्थान प्राप्त किया जबकि पुरुष वर्ग प्रतियोगिता में देवलगढ़ की टीम ने गैरू की टीम को पछाड़कर प्रथम पुरुष्कार पर कब्जा किया।पुरुष वर्ग में मन्दोली तथा महिला वर्ग में स्वीत की टीम तृतीय स्थान पर रही।महिला वर्ग में गहड़ की अनिता देवी तथा पुरुष वर्ग में

देवलगढ़ अखाड़ा के राहुल प्रसाद को सर्वोत्तम खिलाड़ी का पुरुष्कार दिया गया।

प्रतियोगिता में आठ टीम पुरुष वर्ग तथा आठ टीम महिला वर्ग में प्रतिभाग किया।प्रथम स्थान प्राप्तदोनों  टीमाँ  को दो हजार एक सौ दो हजार एक सौ रुपये के साथ तीन तीन किलो गरमा गरम जलेबी,द्वितीय आने वाली टीमों को एक हजार एक सौ एक.”हजार एक सौ  के साथ दो दो किलो जलेबी तथा तृतीय स्थान वाली दोनों टीमों को पांच पाच सौ रुपये के साथ एक एक किलो जलेबी,मैच के सर्वोत्तम दोनों खिलाड़ियों को एक एक किलो जलेबी इनाम में दी गई। 

बच्चों की चार टीमो की जलेबी दौड़ प्रतियोगिता में तनुज,अर्पित,अक्षय, आयुष व सौम्या ने प्रथम तथा अंशुमन,संदीप,ऋतिक,निशा ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया।महिलाओं की जलेबी दौड़ प्रतियोगिता में आशा देवी,कोमल देवी,हेमा देवी ने क्रमशःप्रथम,द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त किया।आयोजन में गहड़ के बागवान श्री अर्जुनसिंह पंवार,संगीता फरासी,उमा खत्री,नरेन्द्रसिंह रौथाण,नरेन्द्रसिंह भण्डारी,स्वीत मंदोली की क्षे०पं०स० ऊषा देवी ने आर्थिक सहयोग प्रदाम किया।मंगलसिंह,दुर्गेश कुमार,टिंकू कुमार,तथा ताजबर कुमार ने निर्णायक की भूमिका निभाई।


इस अवसर पर रमेश मन्द्रवाल,सौरभ भारती,पुष्कर सिह चौहान,कुलदीप चौहान,संगीता बिष्ट,उतम सिह कैतुरा,गजेन्द्रसिंह कैतुरा,गजेन्द्रसिंह भण्डारी आदि उपस्थित थे।
इससे पूर्व शिक्षा क्षेत्र के अन्तर्गत भीख मांगने और कूड़ा बीनने वाले बच्चों को विद्यालयो में प्रवेश दिला और  स्वयं ऐसे बच्चों को पढ़ाकर विशिष्ठ पहचान बनाने वाली रा०प्रा०वि० गहड़ की सहायक अध्यापिका संगीता फरासी ने बतौर मुख्य अतिथि प्रतियोगिता का उद्घाटन किया।ग्राम प्रधान देवलगढ़ प्रमोद उनियाल.की अध्यक्षता में आयोजित उद्घाटन समारोह में संयोजक के०पी०उनियाल ने स्व०हुकमसिंह खत्री जी के जीवन व कृत्तत्य पर प्रकाश डालते हुए स्व०एच०एस०खत्री को कर्मठ व आदर्श अध्यापक बताते हुए कहा कि स्व० श्री खत्री जी ने अपने अध्यापनकाल में कई छात्र छात्राओं का जीवन बदला।
कार्यकम का सचालन के०पी०उनियाल और मंगल सिंह ने किया

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