सराहनीय च,तिन्या भाषाओं कु राष्ट्रीय स्तर फर साहित्य सम्मेलन एक दगिड़ि करौणै कि भौत बड़ी जर्वत बि च अर भौत बड़ु प्रयास भी च। भौत भौत धन्यवाद।
(सुखदेव 'दर्द'..)

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