क्या है समाज सेविका बबली ममगाईं की अपने क्षेत्र के विकास के लिए प्रार्थमिकताएं 

नई दिल्ली : सर्दी खत्म होने के साथ ही दिल्ली में भी चुनावी पारा चढ़ने लगा है। अप्रैल माह में नगर निगम के चुनाव होने की खबर से नेताओं ने घर घर दस्तक देनी शुरू कर दी है। ऐसे में दिल्ली का उत्तराखंड समाज भी इन चुनावों में खुद की भागीदारी चाहता है जिसके मद्देनज़र अनेकों उत्तराखंडी बहन भाइयों ने भी कमर कस ली है। इन्हीं में से एक हैं सामाजिक कार्यकर्ता उदय ममगाईं राठी। आपकी पत्नी विनोद नगर के वार्ड न.10E से अपनी दावेदारी कर रही है और इसके लिए उन्होंने तैयारी भी कर ली है। बबली ममगाईं उत्तराखंड की लोक गायिका भी है और उत्तराखंड में कुछ वर्ष पूर्व तक शिक्षिका थी लेकिन अब उन्होंने समाजसेवा के माध्यम से अपने क्षेत्र में बदलाव लाने की ठानी है। 

उनका मानना है कि हर व्यक्ति को अपने सामर्थ्य को सही दिशा में लगाकर अपने व परिवार के साथ साथ समाज के लिए भी कुछ कार्य अवश्य करने चाहिए। इसी तरह प्रत्येक राजनितिक दल का भी यह कर्त्तव्य बनता है कि वो अपने देश के हर नागरिक को मूलभूत सुविधाओं के साथ एक मंच प्रदान करे जिससे उसे देश हित में कुछ करने का अवसर मिलने के साथ साथ वह आत्मनिर्भर भी बने। इस समय भारत में मोदी जी व उनकी सरकार जिस तरह से देश को स्वावलंबी और आत्मनिर्भर बनाने के लिए कार्य कर रहे हैं उसे देखते हुए मैं राष्ट्र गौरव के इस हवन कुंड मैं समाज सेविका के रूप में अपना छोटा सा योगदान करना चाहती हूँ। उनके मुताबिक एक लोक गायिका होने के नाते में देश के सांस्कृतिक महत्त्व को बहुत अच्छे से समझती हूँ और इसके उत्थान के लिए राजनीती में कदम रख रही हूँ। इस राह में आप सभी के सहयोग और आशीर्वाद की आशा रखती हूँ। 

दलगत राजनीती से ऊपर उठकर मैं काजनीति को महत्व देने में विश्वाश रखती हूँ और इसी सोच के  साथ आगामी नगर निगम चुनावों में जनता का प्रतिनिधित्व कर कुछ बदलाव कर अपने क्षेत्र को विकास की दौड़ में अग्रणी करने का संकल्प लेती हूँ।


अपने वार्ड के लिए मेरी प्रार्थमिकताएं कुछ इस तरह हैं। 

निगम  का दायित्व होने के नाते मेरा वार्ड स्वच्छ हो ताकि क्षेत्रवासी अच्छे वातावरण का अनुभव कर सकें और बाहर से आने वाला हर व्यक्ति क्षेत्र की स्वच्छता से प्रभावित हो सके। 

एक जनप्रतिनिधि होने के नाते मेरा दायित्व बनता है कि क्षेत्र में लोग खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें जिसके लिए पुलिस प्रशासन से तालमेल बैठाकर सभी समस्याओं का हल हो सके। 

पर्यावरण की दृष्टि से ऐसी योजना को धरातल पर ला सकूं जिसके तहत हर घर के सामने एक पौधा या पेड़  हो जो खुशहाली का प्रतीक  बने और मेरा क्षेत्र मिशाल बने। 

स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए क्षेत्र में स्वच्छ जल की आपूर्ति के लिए विभाग से आपसी   तालमेल के आधार पर समस्याओं का निवारण हो जिससे क्षेत्र को बिमारियों से निजात मिले। 

क्षेत्र में  शिक्षा का कोई आभाव न हो जिसके तहत हर को शिक्षित करना मेरी प्रार्थमिकता होगी। अनेकों  बार यह एक जटिल समस्या के रूप में मेरे सामने आई है जिससे मन आहत होता है। मेरी प्रार्थमिकता ये भी रहेगी कि गरीब बच्चों को भी उचित और अच्छी शिक्षा मिल सके। 

मैं वर्षों से देख रही हूं कि क्षेत्र में तारों का जाल आये दिन कई लोगों की जान जोखिम का कारण बन चुका है इससे मैं क्षेत्रवासियों को निजात दिलाना चाहती हूँ जिसके लिए मैंने मास्टर प्लान भी तैयार कर रखा है। 




आप सभी ने शायद ही ये सभी विषय किसी भी प्रत्याशी के घोषणा पत्र में देखें हों। मैं ये सभी तथ्य इसलिए रख रही हूँ क्योंकि इन सबके लिए मैंने मास्टर प्लान तैयार कर लिया है और पूर्ण विश्वास है कि आप सबके सहयोग से मैं इन्हें पूर्ण कर लूंगी। 

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