Environment day






पर्वतीय प्रदेश उत्तराखंड के दूरस्थ क्षेत्र तपोवन में भी मनाया गया पर्यावरण दिवस

जोशीमठ: आज विश्व पर्यावरण दिवस पर लोगों को पर्यावरण संरक्षण हेतु जागृत करने के लिए देश भर में कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं। इसी क्रम में उत्तराखंड के दुरस्त क्षेत्र तपोवन (जोशीमठ) में सेवा इंटरनेशनल केंद्र द्वारा वन पंचायत के सहयोग से एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। सेवा केंद्र द्वारा जनता को विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों और पौधा रोपण के माध्यम से अपने क्षेत्र में वनों और वन्यजीवों के संरक्षण के लिए एक संदेश दिया गया ।

इस आयोजन के मुख्य अतिथि वन पंचायत सरपंच भालचंद्र चमोला व वन वीट अधिकारी कृपाल सिंह ने पौधा रोपण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया उसके बाद स्थानीय बच्चों ने गायन व नृत्य नाट्य प्रस्तुत कर ग्रामीणों को पर्यावरण का महत्व समझाया ।


वन पंचायत सरपंच साहित्याचार्य भालचंद्र चमोला ने अपने वक्तव में कहा कि आए दिन पहाड़ दरक रहे है, वनों में आग लग रही है जिससे मानव के साथ-साथ वन्य प्राणी भी सुरक्षित नहीं है ऐसे में मानवता के नाते हमें अधिक से अधिक पेड़ पौधे लगाकर एवं प्लास्टिक का इस्तेमाल न करके मानव कल्याण के लिए पर्यावरण का सरंक्षण करना ही होगा। 





वन वीट अधिकारी ने कृपाल सिंह ने कहा कि हमारा विभाग आप सबके साथ सहयोग कर जीवनोपयोगी कार्यों के 
लिए  लगातार प्रयासरत है बस आप सबसे हम यही अनुरोध करते हैं कि हरेक व्यक्ति पेड़ पौधों को सुरक्षित रखे उन्हें बेवजह काटें नहीं।  उन्होंने बच्चों व उपस्थित जन समूह से कहा यदि आप अपने जानवरों को चराने जंगलों में जाते हैं तो आपको वहां कोई पौधा टूट रहा है या किसी ने उसे क्षति पहुंचाई है दिखाई दे तो आप उसे ठीक कर उसमें खाद पानी दें या फिर हमें बताएं। हम हर तरह से वनों को सुरक्षित रखने के लिए वचनवद्ध हैं बस आपका सहयोग मिलता रहे। 

इस आयोजन में बड़ी संख्या में बच्चों ने भी प्रतिभाग किया और गीतों और नृत्य नाटिका द्वारा पर्यावरण के महत्व को समझाया। उनकी प्रस्तुतियों से लोग खासे प्रभावित दिखे। 

इस आयोजन में वन रक्षक टीम, तपोवन महिला मंगलदल अध्यक्षा सुमित्रा देवी के अलावा लक्ष्मी देवी, शिवानी, नीमा तड़ियाल और तपोवन की मातृशक्ति एवं अन्य लोग उपस्थित थे । 





सेवा इंटरनेशनल केंद्र तपोवन की प्रभारी शकुंतला डोभाल ने उपस्थित अतिथियों, मातृशक्ति और अपार जनसमूह का आयोजन में प्रतिभाग करने पर आभार प्रकट किया। 



 

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