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जौनसार की उभरती लोक गायिका संजना राज की संदिग्ध 

परिस्थितियों में मौत 

देहरादून : लोक गायिका संजना राज की संदिग्ध मौत की खबर से संगीत जगत और उनके चाहने वाले हैरान और स्तब्ध हैं। वीरवार को उनका शव देहरादून में उनके किराये के कमरे की खिड़की की ग्रिल पर फंदे से लटका मिला। 

सीओ नेहरू कॉलोनी अनिल कुमार जोशी ने बताया कि वीरवार शाम करीब तीन बजे पुलिस को सूचना मिली थी कि एच ब्लॉक के एक मकान में लड़की ने अपने घर पर फांसी लगा ली है। सूचना प्राप्त होते ही पुलिस मौके पर पहुंची तो देखा कि एक महिला अपने कमरे की खिड़की की ग्रिल से लटकी थीं। उन्हें तुरंत इमरजेंसी सेवा के माध्यम से  जिला अस्पताल पहुंचाया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसकी सूचना उनके परिजनों को दी गई।  परिजनों की मौजूदगी में संजना के शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। महिला की पहचान संजना राज के रूप में हुई। 



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22 वर्षीय संजना राज पुत्री भीम दास निवासी मलेथा, सहिया की रहने वाली थी। वह जौनसार क्षेत्र की लोक गायिका थीं और यहां नेहरू कॉलोनी के एच ब्लॉक में किराए का कमरा लेकर रह रही थी। वह यहां एक कंपनी में काम करती थी। उनके कई गाने सोशल मीडिया पर काफी लोकप्रिय हैं। शव के पास से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है, लेकिन प्राथमिक पड़ताल के बाद आत्महत्या का मामला लग रहा है। सीओ जोशी ने बताया कि पता चला कि उनके साथ दो माह से एक युवक भी रहता था। दोनों लिव इन में रहते थे या सिर्फ  दोस्त थे, इस बात की जांच की जा रही है। युवक का नाम अंकित बताया जा रहा है जो यहां एक एप कंपनी के ऑफिस में काम करता है। ये पता चला है कि दोनों ने सगाई भी कर ली थी हालांकि अभी इस बात की पुष्टि नहीं हुई है। उनके आपस में किसी झगडे या अनबन की बात भी सामने नहीं आई है। पुलिस अंकित को पकड़ लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है। 

सीओ अनिल कुमार जोशी ने बताया कि युवक का नाम अंकित है। वह यहां एक एप के ऑफिस में काम करता है। उससे पूछताछ की जा रही है। बताया जा रहा है कि दोनों ने सगाई भी कर ली थी। हालांकि, अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं हो सकी है। किसी तरह के झगड़े या अनबन की बात भी सामने नहीं आई है। 



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संजना राज विभिन्न सांस्कृतिक मंचों पर अपनी आवाज का लोहा मनवा चुकी थी । उनके गीत देवा बिजिटा, लोक हारुल, तेरी शादी री चिठ्ठी, साथो की अनामिका को लोगों के बीच काफी लोकप्रियता मिली। संजना राज का यूं जाना लोक संस्कृति के क्षेत्र में बहुत बड़ा नुकसान है।

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