उत्तरकाशी जिले में डोकरानी बामक ग्लेशियर में एवलांच से निम के 2 प्रशिक्षकों की मौत 21 फंसे रेस्क्यू अभियान जारी 
 

उत्तरकाशी : उत्तराखंड के ग्लेशियरों में समय समय पर हो रहे हिमस्खलन शुभ संकेत नहीं है। अभी कुछ दिन पहले ही श्री केदारनाथ धाम में एवलांच हुआ और अब उत्तरकाशी के द्रोपती का डांडा में एवलांच हुआ है जिसमे नेहरू पर्वतारोहण संस्थान के लगभग 29 लोगों के फंसे होने और 2 प्रशिक्षकों की मौत होने की खबर है।  निम द्वारा रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है और अब तक 8 लोगों को रेस्क्यू कर निकाल लिया गया है। 21 लोग अभी भी फंसे हुए है। 




घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन ने एसडीआरएफ की टीम को घटना स्थल के लिए रवाना कर  दिया है। एसडीआरएफ  कमांडेंट मणिकांत मिश्रा ने बताया कि उनकी पांच टीम सहस्त्रधारा से घटना स्थल के लिए रवाना हो गई है। वहीं तीन टीमों को रिज़र्व में रखा  गया है। 

मुख्यमंत्री भी इस घटना पर नज़र रखे हुए है उन्होंने कहा कि मैंने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से वार्ता कर रेस्क्यू अभियान में तेजी लाने के लिए सेना की मदद लेने हेतु उनसे अनुरोध किया है उन्होंने हमें केंद्र सरकार की तरफ से हर संभव मदद देने के लिए आश्वस्त किया है। फंसे हुए सभी लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है। 

बता दें कि नेहरु पर्वतारोहण संस्थान निम का विगत 22 सितंबर से उत्तरकाशी के  द्रोपदी डांडा-2 पहाड़ी पर बेसिक/एडवांस का प्रशिक्षण चल रहा था। जिसमें बेसिक व एडवांस कोर्स को मिलाकर कुल 175 लोग शामिल थे। 




रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गहरा दुःख जताया है। उन्होंने ट्विट कर शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं जताई है। उन्होंने मुख्यमंत्री धामी से बात कर घटना की पूरी जानकारी ली। उन्होंने वायु सेना को बचाव और राहत अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। 

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